हरीश रावत का उपवास राज्य मे हुए विकास का उपहास: भट्ट
देहरादून। भाजपा ने पूर्व सीएम हरीश रावत के मौन उपवास को झूठ का पुलिंदा और राज्य में हुए विकास का उपहास बताया है।
प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने तंज किया कि हरदा को भूलने की समस्या हो गयी है और कांग्रेस के पूर्ववर्ती भ्रष्टाचार युक्त शासन याद नही है। वहीं धामी सरकार के ऐतिहासिक और जनकल्याणकारी कार्य भी उन्हें अब दिखाई नहीं दे रहे हैं।
उन्होंने मीडिया के सवालों पर प्रतिक्रिया में कहा कि हरीश रावत मौन उपवास के नाम पर झूठे आरोपों का शोर मचा रहे हैं। कांग्रेसी भी सप्ताह दर सप्ताह अलग अलग नाम से राजनैतिक कार्यक्रम बताते हैं। हरदा की तथाकथित आंदोलन की श्रृंखला सिर्फ रोजाना एक झूठे आरोप लगाने तक ही सीमित रहने वाली है।
उन्होंने पूर्व सीएम के आरोपों को झूठा, अनर्गल, बेबुनियाद और सफेद झूठ करार दिया है । क्योंकि जिस तरह पीएम मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड के विकास की इमारत खड़ी हो रही है, उसे कोई भी देख समझ सकता है। आज सरकार के अनेकों ऐतिहासिक एवं साहसिक निर्णयों ने देवभूमि की छवि में चार चांद लगा दिए हैं।
अन्य राज्यों के लिए आज हमारे द्वारा उठाए गए ये कदम नजीर बनने का काम कर रहे हैं। इसी तरह चार धाम समेत धार्मिक स्थलों के कायाकल्प, रेल सड़क हवाई कनेक्टिविटी में अभूतपूर्व सुधार और शानदार यात्रा प्रबन्धन से राज्य में पर्यटन व्यवसाय का जबरदस्त उछाल आ गया है। 3.75 लाख करोड़ के औद्योगिक निवेश एमओयू में से 1 लाख करोड़ धरातल पर उतरने शुरू हो गए हैं। प्रति व्यक्ति आय और सकल घरेलू उत्पाद में रिकॉर्ड बढ़ोत्तरी हुई है, ईज ऑफ डूइंग आदि तमाम नीति आयोग के पैमानों पर हम खरे उतरे हैं।
हमारी सरकार प्रत्येक जरूरतमंद को फ्री अनाज दे रही है, उसे पकाने के लिए फ्री उज्ज्वला सिलेंडर कनेक्शन दे रही है, उनकी साल में 3 मुफ्त रिफिलिंग भी दे रही है। हर उत्तराखंड वाशी के स्वास्थ्य की चिंता अटल आयुष्मान योजना से सरकार कर रही है।
उन्होंने पूर्व सीएम हरीश रावत से सवाल पूछा कि क्या उन्हें प्रदेश के विकास और आम जनता के कल्याण की योजनाएं दिखाई नहीं दे रही हैं? जबकि सत्य यह है कि वे जानते बुझते, राजनीति के लिए आंख बंद करके मौन उपवास के नाम पर जी भर कर झूठ परोस रहे हैं। क्योंकि उनके इन तथाकथित आरोपों में इंच मात्र भी सच्चाई होती तो 2022 के बाद लोकसभा चुनाव, निकाय चुनाव, चम्पावत, बागेश्वर, केदारनाथ उपचुनाव, हरिद्वार पंचायत चुनाव लगातार जनता द्वारा नकारे नहीं जाते।
वहीं तंज किया, अब चूंकि न कांग्रेस को जनता पूछ रही है और न ही कार्यकर्ता हरीश रावत को पूछ रहे हैं, लिहाजा मौन धारण करना ही उनके लिए एक मात्र विकल्प बचता है।


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