कांग्रेस ने किया वन मुख्यालय का घेराव, सौंपा ज्ञापन
रिपोर्ट/नीरज पाल
देहरादून। उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में जंगली जानवरों के बढ़ते आतंक और लगातार हो रही मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं के खिलाफ शुक्रवार को कांग्रेस ने राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने राजपुर रोड स्थित वन मुख्यालय का घेराव किया और सरकार व वन विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
सुबह दिलाराम चौक पर एकत्रित हुए कांग्रेस कार्यकर्ता जुलूस की शक्ल में जैसे ही वन भवन के गेट पर पहुंचे, वहीं तैनात पुलिस ने मुख्य प्रवेश द्वार बंद कर दिया। इससे नाराज कांग्रेसी कार्यकर्ता उग्र हो उठे और गेट खुलवाने की मांग को लेकर पुलिस से तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। स्थिति धक्का-मुक्की तक पहुंच गई। अंततः कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने जबरन गेट खोलकर परिसर में प्रवेश किया और जोरदार प्रदर्शन किया।
“जरूरत पड़ी तो ग्रामीण खुद उठाएंगे बंदूक: गोदियाल
वन विभाग के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए प्रदेश अध्यक्ष गोदियाल ने कहा कि पहाड़ों में जंगली जानवरों, विशेषकर भालू, बाघ और गुलदार, के हमलों में भारी वृद्धि हुई है, जिसके कारण ग्रामीणों, महिलाओं और पशुपालकों में गहरा भय व्याप्त है।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, “वन विभाग यदि जल्द कार्रवाई नहीं करता, तो प्रभावित ग्रामीण अपने घरों में घुस रहे खूंखार जंगली जानवरों के खिलाफ बंदूक उठाने से भी पीछे नहीं हटेंगे।”
प्रदर्शन के दौरान गोदियाल ने वन विभाग की लापरवाही का प्रतीक बताकर एक प्लास्टिक की गन लहराई और विभाग को चेताया कि जनता की सुरक्षा को लेकर शीघ्र ठोस कदम उठाए जाएं।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि पिछले छह महीनों में राज्य के पर्वतीय और ग्रामीण इलाकों से भालू व बाघ के हमलों में गंभीर रूप से घायल होने, मौतों और पालतू पशुओं के शिकार बनने की घटनाओं में चिंताजनक इजाफा हुआ है।
गोदियाल ने बताया कि अकेले पौड़ी और चमोली जिलों में अब तक सैकड़ों मवेशी इन हमलों का शिकार हो चुके हैं, जबकि कई आम नागरिक व महिलाएं इनकी चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हुई हैं। उन्होंने कहा कि यह स्थिति न केवल जान-माल की क्षति पहुँचाती है बल्कि ग्रामीणों की आजीविका पर भी गहरा असर डाल रही है।
पीसीसीएफ वाइल्डलाइफ को सौंपा ज्ञापन, निगरानी बढ़ाने की मांग
प्रदर्शन के बाद कांग्रेस ने पीसीसीएफ वाइल्डलाइफ आरके मिश्रा को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में प्रभावित क्षेत्रों में भालू और बाघ के मूवमेंट की ट्रैकिंग व मॉनिटरिंग बढ़ाए जाने, त्वरित रेस्क्यू टीमें गठित करने, मुआवजा प्रक्रिया सरल करने और ग्रामीणों को सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने की मांग की गई।
इस मौके पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता सूर्यकांत धस्माना, ज्योति रौतेला, गरिमा दसौनी, डॉ. प्रतिमा सिंह, अभिनव थापर, राजेश चमोली, मनीष गौनियाल, लाल चंद शर्मा सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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