- चारधाम यात्रा की तैयारियों का डीएम ने लिया जायजा।
- गंगोत्री धाम का किया स्थलीय निरीक्षण ।
उत्तरकाशी। मंगलवार को जिलाधिकारी प्रशान्त आर्य ने गंगोत्री धाम पहुंचकर अधिकारियों के साथ चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने यात्रा मार्ग, स्नान घाटों और श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं की स्थिति का जायजा लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण से पूर्व जिलाधिकारी ने मंदिर समिति के पदाधिकारियों और अधिकारियों के साथ बैठक कर गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर चिन्हित भूस्खलन जोन, यात्रा मार्ग के प्रमुख पड़ावों, पार्किंग स्थलों और संवेदनशील स्थानों की समीक्षा की। साथ ही श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, शौचालय, सफाई, स्वास्थ्य सेवाओं और ठहरने की व्यवस्थाओं पर भी चर्चा की गई।
जिलाधिकारी ने स्नान घाट के सौंदर्यीकरण तथा नगर पंचायत के अंतर्गत चल रहे निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने गंगोत्री सीवरेज प्लांट में किचन और बाथरूम का पानी समाहित न होने देने के लिए नगर पंचायत और जल संस्थान को संयुक्त रूप से चेकिंग अभियान चलाने को कहा। मंदिर परिसर में बेहतर प्रकाश व्यवस्था के लिए सोलर प्लांट स्थापित करने का प्रस्ताव उरेडा से मांगा गया।
इसके अलावा आपदा प्रभावित परिवारों के आजीविका संवर्द्धन के लिए यात्रा मार्ग के प्रमुख पड़ावों पर क्योस्क स्थापित करने के निर्देश भी दिए गए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने धराली में आपदा प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और लंबित प्रतिकर मामलों का एक सप्ताह में निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश उपजिलाधिकारी को दिए। साथ ही बीआरओ को धराली क्षेत्र में धूल से राहत के लिए सड़क पर नियमित पानी का छिड़काव करने और चारधाम यात्रा से पूर्व सड़क का डामरीकरण पूरा करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि चारधाम यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुगम बनाने के लिए सभी विभागों के साथ संयुक्त निरीक्षण किया गया है और जहां भी कमी पाई गई है, वहां यात्रा शुरू होने से पहले आवश्यक सुधार किए जाएंगे।
इस दौरान एसडीएम शालिनी नेगी, सीओ जनक पंवार, ईई मनोज गुसाईं, सचिन सिंघल, परियोजना प्रबंधक उरेडा मयंक नोटियाल, परियोजना प्रबंधक रीप कपिल उपाध्याय, खंड विकास अधिकारी डॉ. अमित मंमगाई और जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शार्दूल गुसाईं सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे ।
