- दून मेडिकल कॉलेज को एमसीएच यूरोलॉजी की दो सीटें, किडनी ट्रांसप्लांट का रास्ता आसान
देहरादून। राजकीय दून मेडिकल कॉलेज को नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) से इस शैक्षणिक सत्र में एमसीएच यूरोलॉजी की दो सुपरस्पेशियलिटी सीटों की मंजूरी मिल गई है। एनएमसी ने हाल में सुपरस्पेशियलिटी सीट मैट्रिक्स जारी किया है, जिसमें देशभर में M.Ch Urology की सीटों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
इस उपलब्धि को कॉलेज और प्रदेश के स्वास्थ्य ढांचे के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है। कॉलेज प्रशासन का कहना है कि इससे उत्तराखंड में लंबे समय से प्रस्तावित सरकारी किडनी ट्रांसप्लांट सेंटर की राह अब और आसान हो जाएगी।
कॉलेज की प्राचार्य डॉ. गीता जैन के नेतृत्व में लंबे समय से सुपरस्पेशियलिटी कोर्स और उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के प्रयास किए जा रहे थे। सीटों की स्वीकृति मिलने के बाद संस्थान में यूरोलॉजी विभाग को और मजबूत किया जाएगा।
अभी तक प्रदेश के किडनी मरीजों को ट्रांसप्लांट के लिए दिल्ली, चंडीगढ़ और अन्य राज्यों के अस्पतालों पर निर्भर रहना पड़ता है। इससे मरीजों और परिजनों पर आर्थिक बोझ के साथ मानसिक दबाव भी बढ़ता है। हालांकि आयुष्मान भारत योजना में किडनी ट्रांसप्लांट शामिल है, लेकिन राज्य में सुविधा नहीं होने से लोगों को बाहर जाना पड़ता है।
मेडिकल कॉलेज में एमसीएच यूरोलॉजी की पढ़ाई शुरू होने से विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ेगी। साथ ही भविष्य में दून अस्पताल परिसर में ही किडनी ट्रांसप्लांट जैसी उन्नत सेवाएं शुरू होने की उम्मीद है। इससे मरीजों को स्थानीय स्तर पर सस्ता, समय पर और बेहतर इलाज मिल सकेगा।
