देहरादून। उत्तराखंड क्रांति दल के केंद्रीय अध्यक्ष सुरेंद्र कुकरेती ने प्रेस क्लब में जानकारी देते हुए बताया कि स्वर्गीय दिवाकर भट्ट की श्रद्धांजलि यात्रा 1 दिसम्बर 2025 से 6 दिसम्बर 2025 तारीख तक की जाएगी। यात्रा दोनों मंडलों में की जाएगी, जिसमें स्व दिवाकर भट्ट के राज्य आंदोलन में किए गए योगदान और अद्भुत साहस उनका योगदान नई पीढियों को बताया जाएगा।
खेठ पर्वत की ऊंचाई और श्री यंत्र की गहराई को उन्होंने संघर्ष की गाथा लिखी एक साधारण व्यक्ति से फिल्ड मार्शल बनने के संघर्ष की कहानी को घर घर पहुंचाया जाएगा। राज्य बनाने के आंदोलन में उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। स्व उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार से सीधी लड़ाई लड़ी जिसके कारण वह सरकारों के सीधे निशाने पर आ गए उनको देखते ही गोली मारने के आदेश तक सरकारों ने किए उत्तराखंड क्रांति दल की है।
श्रद्धांजलि यात्रा नए केवल दिवाकर भट्ट को समर्पित है बल्कि उनकी अधूरे सपनों को पूरा करने के लिए संकल्पित है। राष्ट्रीय पार्टियों से उत्तराखंड को बचाने के लिए युवाओं को लामबंद करने और स्व दिवाकर भट्ट के ठेठ पहाड़ी होने और राज्य बनाने का संपूर्ण आंदोलन कैसे खड़ा किया यह इतिहास जानना बहुत जरूरी है।
उत्तराखंड क्रांति दल निकट भविष्य में अपने कार्यक्रम स्व इंद्रमणि बडोनी स्व डीडी पंत स्व जसवंत सिंह बिष्ट स्व विपिन चंद्र त्रिपाठी स्व बीडी रतूड़ी स्व त्रिवेंद्र सिंह पवार स्व दिवाकर भट्ट जैसी महान विभूति द्वारा किए गए योगदान और उनके विचारों को सम्मिलित करते हुए नए कार्यक्रम का आयोजन करेगा। हम उत्तराखंड में उत्तराखंड के लोगों की सरकार बनाने के लिए वचनबद्ध है।
पत्रकार वार्ता में वरिष्ठ नेता जयप्रकाश, उपाध्यक्ष पंकज व्यास, केंद्रीय महामंत्री गणेश कला, मीनाक्षी घिल्डियाल, ललित बिष्ट मौजूद रहे ।
गढ़वाल क्षेत्र में श्रृद्धांजलि यात्रा मार्ग
1 दिसंबर 2025 : देहरादून – डोईवाला – ऋषिकेश – देवप्रयाग – श्रीनगर -रुद्रप्रयाग (रात्रिविश्राम)
2 दिसंबर 2025: रुद्रप्रयाग गौचर नंदप्रयाग चमोली – गोपेश्वर (रात्रिविश्राम)
3 दिसंबर 2025: गोपेश्वर मंडल चोपता ऊखीमठ – बांसवाड़ा – अगस्त्यमुनि तिलवाड़ा – चिरबिटिया – घनसाली (रात्रिविश्राम)।
4 दिसंबर 2025: घनसाली रजाखेत-कंगसाली – पड़िया- ओखला – मोटना-चौंडार- लंबगांव – धौंतरी-चौरंगीखाल – उत्तरकाशी (रात्रिविश्राम)।
5 दिसंबर 2025: उत्तरकाशी – कंडिसौड़ – कांडीखाल- चंबा- टिहरी – नरेन्द्रनगर -ऋषिकेश (रात्रिविश्राम)।
6 दिसंबर 2025: ऋषिकेश – हरिद्वार – 13 वीं कार्यक्रम।
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