- उपलब्धि : बिना चीरा लगाए 76 वर्षीया महिला का बदला हार्ट वाल्व
- 11 साल पहले हुई थी ओपन हार्ट सर्जरी, दोबारा जोखिम के चलते अपनाई गई नई तकनीक
देहरादून। ग्राफिक एरा अस्पताल ने चिकित्सा क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए 76 वर्षीय महिला का हार्ट वाल्व बिना चीरा लगाए सफलतापूर्वक बदल दिया। उत्तराखंड और आसपास के राज्यों में यह अपनी तरह का पहला मामला है।
देहरादून निवासी महिला को हार्ट फेल्योर की गंभीर स्थिति में अस्पताल लाया गया था। वर्ष 2014 में उनकी ओपन हार्ट सर्जरी के दौरान वाल्व बदला गया था, जो 11 साल बाद खराब हो गया। दोबारा ओपन हार्ट सर्जरी संभव न होने पर डॉक्टरों ने लैम्पून प्रोसीजर के जरिए पैर की नस से पुराने वाल्व को काटकर नया वाल्व लगाया।
हृदय रोग विभाग के एचओडी डॉ. राज प्रताप सिंह ने बताया कि यह प्रक्रिया बेहद जटिल थी, लेकिन सफल रही। इलाज के बाद मरीज की हालत में तेजी से सुधार हुआ और उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
विशेषज्ञ टीम में डॉ. राज प्रताप सिंह, सीनियर कार्डियक सर्जन डॉ. अखिलेश पांडेय, एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. एस.पी. गौतम और डॉ. पराग कुमार शामिल रहे।
ग्राफिक एरा ग्रुप के चेयरमैन डॉ. कमल घनशाला ने टीम को बधाई देते हुए कहा कि अस्पताल आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञता के जरिए मानव सेवा में लगातार नए कीर्तिमान बना रहा है।