- देहरादून के सुशील सिंह कैन्तुरा को राष्ट्रीय सम्मान, राष्ट्रपति भवन में होंगे सम्मानित
देहरादून। सेवा, समर्पण और मानवता की मिसाल पेश करने वाले देहरादून निवासी सुशील सिंह कैन्तुरा ने अपने निस्वार्थ कार्यों से न केवल प्रदेश बल्कि पूरे देश में उत्तराखंड का नाम रोशन किया है। आपदा मित्र के रूप में पिछले तीन वर्षों से लगातार सक्रिय सुशील सिंह कैन्तुरा ने आपदा प्रबंधन, जन-जागरूकता और जीवन रक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है।
सुशील सिंह कैन्तुरा द्वारा देहरादून के ओल्ड बुचड़ी गढ़ी कैंट क्षेत्र में एनसीसी के 270 कैडेट्स सहित विभिन्न स्कूलों के लगभग 5200 बच्चों को मॉक ड्रिल एवं आपदा मित्र की प्रशिक्षण दिया गया। इस प्रशिक्षण के माध्यम से बच्चों और युवाओं को आपदा के समय सुरक्षित रहने, प्राथमिक राहत देने और खोज एवं बचाव कार्यों की व्यावहारिक जानकारी दी गई।
कोरोना काल के दौरान सुशील सिंह कैन्तुरा ने इंसानियत की ऐसी मिसाल कायम की, जिसने कई जिंदगियों को नया जीवन दिया। खून की गंभीर कमी से जूझ रही एक गर्भवती महिला को उन्होंने समय पर ब्लड डोनेट कर उसकी जान बचाई। इसके अलावा देहरादून टोल प्लाजा के पास हुए एक सड़क हादसे में घायल व्यक्ति को बचाने में भी उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अब तक वह गरीब परिवारों के मरीजों के लिए 13 बार रक्तदान कर चुके हैं।
आपदा मित्र के रूप में उनकी निस्वार्थ सेवाओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। इसी कड़ी में 26 जनवरी को राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली में आयोजित विशेष कार्यक्रम में उन्हें आमंत्रित किया गया है, साथ ही वे दिल्ली में आयोजित गणतंत्र दिवस की आरडी परेड में भी प्रतिभाग करेंगे। इस दौरान उनकी केंद्रीय गृह मंत्री (यूनियन होम मिनिस्टर) से भेंट भी प्रस्तावित है, जो उनके सेवा कार्यों को मिला एक बड़ा सम्मान माना जा रहा है।
सुशील सिंह कैन्तुरा की यह उपलब्धि न केवल उनके लिए, बल्कि पूरे उत्तराखंड के लिए गर्व की बात है। उनका जीवन इस बात का उदाहरण है कि सेवा भाव, अनुशासन और कर्मठता से आम नागरिक भी राष्ट्र सेवा में असाधारण योगदान दे सकता है। उनकी कहानी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनकर सामने आई है।