इंफो उत्तराखंड/देहरादून
डीएम ने स्मार्ट सिटी एवं विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं द्वारा सडक, सीवर नाली, बिजली की केवल गैस पाईप आदि एवं विभागीय लापरवाही के कारण शहर के विभिन्न स्थानों/सड़को पर जगह-जगह गड्डे एवं खड्डे बन जाने से जानमाल को नुकसान की संभावना बनी हुई है।
वर्तमान में मानसून के दृष्टिगत किसी गम्भीर दुर्घटना के कारण आपदा की स्थिति उत्पन्न होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। ऐसे में यह उचित होगा कि विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं के गतिमान कार्यों को आपदा प्रबन्धन अधिनियम 2005 के परिधि में लाते हुये इसकी निगरानी की जाये।
समस्त कार्यदायी संस्थाओं के उत्तरदायी अधिकारियों को निर्देशित किया जाता है कि तत्काल अपने क्षेत्रांंतर्गत हो रहे निर्माण कार्यों निरीक्षण कर ले। और सड़क पर हुये गड्ढे, उलझे हुरे तार, निकली हुई केवल आदि को ठीक कर व्यवस्थित कर लें।
जिससे आम जनमानस को दुर्घटना से बचाया अन्यथा की स्थिति किसी भी प्रकार की दुर्घटना होने पर सम्बन्धित के विरुद्ध आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 51-65 के अंतर्गत कार्रवाही अमल में लाई जाएगी।
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