- बोर्ड परीक्षा से पहले छात्रों को मिला आत्मविश्वास और मानसिक शांति का मंत्र
- – सोशल बलूनी पब्लिक स्कूल में योग, ध्यान एवं मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. अनिरुद्ध गुरुप्रताप सिंह ने छात्र-छात्राओं से किया ‘ संवाद ‘
- – छात्रों को, परीक्षा को डर नहीं बल्कि अवसर के रूप में देखने की दी सलाह
- – स्मार्ट स्टडी, समय प्रबंधन, नींद और मोबाइल के उपयोग पर भी किया मार्गदर्शन
देहरादून। बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे 10वीं और 12वीं के छात्र-छात्राओं के लिए, सोशल बलूनी पब्लिक स्कूल में आयोजित एक संवाद कार्यक्रम में डॉ. अनिरुद्ध गुरुप्रताप सिंह योग, ध्यान एवं मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ एवं संस्थापक, मृत्युंजय योग पीठ फाउंडेशन ने छात्रों से सीधे संवाद किया। उन्होंने कहा “परीक्षा ज्ञान से अधिक मानसिक स्थिरता की परीक्षा होती है। शांत मन ही सबसे बुद्धिमान मन होता है।”
अपने संबोधन में डॉ. सिंह ने छात्रों को परीक्षा को डर नहीं बल्कि अवसर के रूप में देखने की सलाह दी। उन्होंने बताया सही श्वसन तकनीक, ध्यान और सकारात्मक सोच से परीक्षा-समय का तनाव कम किया जा सकता है और स्मरण शक्ति को बेहतर बनाया जा सकता है।

इस अवसर पर उन्होंने छात्रों को सरल प्राणायाम, श्वसन अभ्यास और 5-मिनट का मार्गदर्शित ध्यान भी करवाया, जिससे छात्र-छात्राओं ने स्वयं को अधिक शांत और आत्मविश्वासी महसूस किया।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. सिंह ने छात्रों को स्मार्ट स्टडी, स्ट्रैटेजी, समय प्रबंधन, पर्याप्त नींद और मोबाइल के सीमित उपयोग के महत्व पर भी मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा “अंकों से अधिक महत्वपूर्ण बच्चे का आत्मविश्वास और मानसिक स्वास्थ्य है।”
संवाद सत्र में छात्रों को प्रश्न पूछने का अवसर भी दिया गया, जिसमें उन्होंने परीक्षा के डर, एकाग्रता की कमी और याद्दाश्त से जुड़े सवाल पूछे। डॉ. सिंह ने इन सभी प्रश्नों का व्यावहारिक और प्रेरक उत्तर दिए।
योग नगरी ऋषिकेश में मृत्युंजय योगपीठ फाउंडेशन के संस्थापक डॉ. अनिरुद्ध गुरुप्रताप सिंह, PHD, BNYS, योगा एलायंस, USA से ERYT-500 (अनुभवी रजिस्टर्ड योग शिक्षक) हैं, उन्होंने योग, वेदांत, ध्यान और श्वास विज्ञान में औपचारिक प्रशिक्षण लिया है, और अलग-अलग सांस्कृतिक और अंतर्राष्ट्रीय जगहों पर पढ़ाने का व्यापक अनुभव है। डॉ. सिंह, मृत्युंजय योगपीठ में आने वाले देसी-विदेशी साधकों को काफी समय से श्वास विज्ञान का प्रशिक्षण दे रहे हैं। अब तक वह रशिया सहित कई देशों की यात्राएं कर चुके हैं।
