- सैनिक परिवारों के बच्चों के लिए आसान होगी उच्च शिक्षा की राह
देहरादून। देश की रक्षा में अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले सैनिकों के परिवारों के बच्चों के लिए उच्च शिक्षा की राह अब आसान होगी। सैनिक परिवारों को आर्थिक राहत देने के उद्देश्य से शुरू की गई सुपर-300 मिशन एजुकेशन स्कीम के तहत पात्र लाभार्थियों को विभिन्न उच्च शिक्षा पाठ्यक्रमों में ट्यूशन फीस पर बड़ी छूट मिलेगी। इस संबंध में सीआईएमएस एंड यूआईएचएमटी ग्रुप ऑफ कॉलेजेज और गढ़वाल राइफल्स रेजिमेंटल सेंटर के बीच समझौता हुआ है।
योजना के तहत वीर नारियों, वीर माताओं, बलिदानी सैनिकों के आश्रितों और चार वर्ष की सेवा पूरी कर चुके अग्निवीरों व उनके आश्रितों को पात्र पाठ्यक्रमों में 100 प्रतिशत ट्यूशन फीस की छूट दी जाएगी। वहीं सेवारत और सेवानिवृत्त सैनिकों तथा उनके आश्रितों को 40 प्रतिशत ट्यूशन फीस में राहत मिलेगी।

यह सुविधा चिकित्सा शिक्षा, पैरामेडिकल, प्रबंधन, कंप्यूटर साइंस, होटल मैनेजमेंट, लॉ समेत विभिन्न व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में उपलब्ध होगी। इससे सैनिक परिवारों के बच्चों को आर्थिक चुनौतियों के बीच उच्च शिक्षा हासिल करने और अपने पसंदीदा क्षेत्र में बेहतर करियर बनाने का अवसर मिलेगा।
गढ़वाल राइफल्स रेजिमेंटल सेंटर के कमांडेंट ब्रिगेडियर विनोद नेगी ने कहा कि सैनिकों और उनके परिवारों के लिए शिक्षा के क्षेत्र में इस तरह की पहल महत्वपूर्ण है। सैनिक परिवारों के बच्चों की शिक्षा और भविष्य को मजबूत करना उनके योगदान के प्रति सम्मान व्यक्त करने का ठोस माध्यम है।
सीआईएमएस एंड यूआईएचएमटी ग्रुप ऑफ कॉलेजेज के चेयरमैन एडवोकेट ललित मोहन जोशी ने कहा कि सैनिकों के प्रति सम्मान केवल शब्दों तक सीमित नहीं होना चाहिए। उनके परिवारों की अगली पीढ़ी को बेहतर शिक्षा और करियर के अवसर उपलब्ध कराना भी समाज की जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य से संस्थान ने सैनिक परिवारों के लिए शिक्षा सहायता उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है।
नशामुक्ति का संदेश भी दिया
एमओयू कार्यक्रम के दौरान सजग इंडिया के नशामुक्त युवा अभियान के माध्यम से जवानों और सैन्य अधिकारियों को भी जागरूक किया गया। अभियान के तहत युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से बचाकर फिटनेस, शिक्षा और राष्ट्र निर्माण की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश दिया गया। आयोजन को सैनिक परिवारों के बच्चों के लिए शिक्षा, करियर और बेहतर भविष्य के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।