- वर्षवार भर्ती बहाली को लेकर नर्सिंग अधिकारियों का आंदोलन 95वें दिन में प्रवेश
- सरकार के ठोस निर्णय का इंतजार, हजारों प्रशिक्षित युवाओं का भविष्य अधर में
प्रदेश में वर्षवार भर्ती प्रणाली की बहाली की मांग को लेकर नर्सिंग अधिकारियों का धरना सोमवार को 95वें दिन भी जारी रहा। लंबे समय से शांतिपूर्ण तरीके से चल रहे इस आंदोलन के बावजूद अब तक सरकार की ओर से कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है, जिससे अभ्यर्थियों में गहरा रोष व्याप्त है। हजारों प्रशिक्षित नर्सिंग युवाओं का भविष्य अधर में लटका हुआ है और बेरोजगार नर्सिंग अधिकारियों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।
धरना दे रहे नर्सिंग अधिकारियों का कहना है कि प्रदेश में लंबे समय से लंबित बैचों के कारण हजारों युवाओं को रोजगार नहीं मिल पा रहा है। आंदोलनकारियों की मांग है कि सभी लंबित बैचों को वर्षवार भर्ती प्रणाली के तहत समायोजित किया जाए तथा रिक्त पदों को भी इसी क्रम में भरा जाए, ताकि पात्र अभ्यर्थियों को न्याय मिल सके।
नर्सिंग अधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि उत्तराखंड के गैरसैंण में चल रहे बजट सत्र में उनकी जायज मांगों पर भी चर्चा की जाएगी और सरकार इस दिशा में जल्द सकारात्मक निर्णय लेगी। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने शीघ्र कोई ठोस कदम नहीं उठाया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
धरना स्थल पर दिन के समय बढ़ती गर्मी आंदोलनकारियों के लिए कठिनाई पैदा कर रही है, इसके बावजूद नर्सिंग अधिकारी अपनी मांगों को लेकर डटे हुए हैं और लगातार संघर्ष कर रहे हैं।
धरना स्थल पर नवल पुंडीर, राजेंद्र कुकरेती, प्रवेश रावत, भास्कर, उपेंद्र, प्रीति धीमान, हेमंत, प्रिया, विनीता, सुषमा, शिरा बंधानी और भारती सहित बड़ी संख्या में बेरोजगार नर्सिंग अधिकारी मौजूद रहे।
