- …क्या दून अस्पताल में समान रूप से बंटेगा आयुष्मान इंसेंटिव पैसा ?
देहरादून। दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल के 1657 डॉक्टरों और कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर है। लंबे इंतजार के बाद प्रबंधन ने करीब डेढ़ करोड़ रुपये का आयुष्मान इंसेंटिव जारी कर दिया है। कॉलेज प्रशासन की ओर से चेक जारी किए जा चुके हैं और सोमवार से संबंधित बैंक कर्मचारियों के खातों में राशि ट्रांसफर करना शुरू कर देगा।
बता दें कि यह इंसेंटिव मार्च 2025 से दिसंबर 2025 तक के आयुष्मान भारत योजना के तहत निपटाए गए केसों के आधार पर तैयार किया गया है। बताया गया कि प्राचार्य डॉ. गीता जैन और एमएस डॉ. आरएस बिष्ट के निर्देश पर आयुष्मान विंग समन्वयक दिनेश रावत और प्रहलाद सिंह ने डॉक्टरों व कर्मचारियों का पूरा ब्यौरा तैयार किया। इसके बाद इंसेंटिव कमेटी ने प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।
एमएस डॉ. आरएस बिष्ट ने बताया कि कॉलेज से चेक जारी कर दिए गए हैं, और सोमवार से सभी पात्र कर्मचारियों के खातों में धनराशि पहुंचनी शुरू हो जाएगी।
क्या समान रूप में बंटेगा पैसा ?
देहरादून। दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में आयुष्मान इंसेंटिव वितरण को लेकर पहले भी कहीं बार विवाद सामने आया, कुछ डॉक्टरों ने नाराजगी जताते हुए कहा था कि भुगतान में सीनियरिटी और कार्यभार के आधार पर अंतर होना चाहिए, उनका तर्क था कि डॉक्टरों, नर्सिंग अधिकारियों और सफाई कर्मचारियों को अलग-अलग जिम्मेदारियों के अनुसार धनराशि मिलनी चाहिए।
हालांकि धनराशि मिलने को लेकर भी कहीं बार विवाद हुआ था। विवाद जब ज्यादा ही बढ़ गया था तो इस पूरे मामले को अखबार और तमाम पोर्टल ने प्रमुखता से छापा था। खबर छपते ही अस्पताल प्रबंधन ने इसका संज्ञान लिया और सभी को समान राशि बांटने का फैसला लिया। लेकिन अब कर्मचारियों और डॉक्टरों के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस बार भी आयुष्मान इंसेंटिव का पैसा समान रूप से बांटा जाएगा या फिर पद और वरिष्ठता के आधार पर नई व्यवस्था लागू होगी।
दून मेडिकल कॉलेज में इंसेंटिव जारी होने के साथ ही कर्मचारियों में खुशी का माहौल है, लेकिन भुगतान के फार्मूले को लेकर चर्चाएं फिर तेज हो गई हैं।
पहले भी विवादों में रहा आयुष्मान इंसेंटिव का पैसा
बता दें कि इस बार प्रबंधन ने 1657 डॉक्टरों और कर्मचारियों के लिए करीब डेढ़ करोड़ रुपये का इंसेंटिव जारी किया है। यह राशि मार्च 2025 से दिसंबर 2025 तक के आयुष्मान भारत योजना के मामलों से संबंधित बताई जा रही है। सोमवार से संबंधित बैंक के माध्यम से कर्मचारियों के खातों में राशि डाले जाने की प्रक्रिया शुरू होने की बात कही गई है।
हालांकि, दून अस्पताल में आयुष्मान इंसेंटिव का वितरण हर बार विवादों के साथ जुड़ा रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि यह भुगतान नियमानुसार नहीं मिलता है, लेकिन यहां अक्सर कई महीने से लेकर एक-दो साल तक की देरी हो जाती है। इसके बावजूद सालभर में कम से कम दो बार इंसेंटिव मिलता है। लेकिन यहां कर्मचारियों को सालभर में एक ही बार मिलता है और वो भी बहुत लेट मिलता है।
पहले भी कई बार हुआ विवाद
दून अस्पताल में इससे पहले भी कई चरणों में इंसेंटिव बांटा जा चुका है।
1. जुलाई 2022 में करीब 2.06 करोड़ रुपये 2020 से 2022 तक के मामलों के लिए 1800 से अधिक कर्मचारियों को दिए गए थे।
2. अक्टूबर 2023 में 1.8 करोड़ रुपये अप्रैल 2022 से मार्च 2023 तक के मामलों के लिए जारी किए गए।
3. मार्च 2024 में करीब 95 लाख रुपये का भुगतान किया गया, जिसे लेकर आधे कर्मचारियों के छूटने की शिकायतें सामने आई थीं।
अब अप्रैल 2026 में 1.5 करोड़ रुपये का वितरण किया जा रहा है।
कर्मचारियों का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन भुगतान में अनावश्यक देरी करता है। उनका कहना है कि आयुष्मान योजना के तहत पैकेज का पैसा सरकार से समय पर मिल जाता है, लेकिन अस्पताल स्तर पर वितरण में विलंब होता है। यही कारण है कि हर बार भुगतान के दौरान नाराजगी देखने को मिलती है।
बंटवारे में भेदभाव के आरोप
इंसेंटिव वितरण को लेकर डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ के बीच असंतोष भी सामने आता रहा है। नर्सिंग कर्मचारियों का आरोप है कि इंसेंटिव का बड़ा हिस्सा डॉक्टरों को मिल जाता है, जबकि मरीजों की 24 घंटे देखभाल करने वाले नर्सिंग स्टाफ, वार्ड बॉय और तकनीशियनों को अपेक्षाकृत कम राशि मिलती है। इसके अलावा, उपनल और पीआरडी के माध्यम से तैनात संविदा कर्मचारियों के नाम छूटने की शिकायतें भी लगातार उठती रही हैं।
कर्मचारियों का कहना है कि अस्पताल प्रशासन की ओर से यह सार्वजनिक नहीं किया जाता कि किस कर्मचारी को कितनी राशि और किस आधार पर दी गई। इससे कर्मचारियों में भ्रम और असंतोष बना रहता है।
कर्मचारियों ने कहा कि यह भुगतान 10 महीने पुराने मामलों का है।
दून अस्पताल में कुल स्टाफ 2200 से अधिक होने के बावजूद सिर्फ 1657 लोगों को ही शामिल किया गया। अस्पताल प्रबंधन की ओर से कहा गया है कि प्रक्रिया पूरी कर दी गई है और सोमवार तक सभी पात्र कर्मचारियों के खातों में राशि पहुंच जाएगी। इसके बावजूद हर बार की तरह इस बार भी इंसेंटिव वितरण को लेकर असंतोष और सवाल बरकरार हैं।
