Agnipath Scheme : सेना का बड़ा बयान, कहा इस अग्निपथ योजना को नहीं लिया जायेगा वापस। प्रदर्शनकारियों की आर्मी (Army) में नहीं होगी एंट्री। देखें मुख्य बिंदु…

Agnipath Scheme : सेना का बड़ा बयान, कहा इस अग्निपथ योजना को नहीं लिया जायेगा वापस। प्रदर्शनकारियों की आर्मी (Army) में नहीं होगी एंट्री। देखें मुख्य बिंदु…

नई दिल्ली/इंफो उत्तराखंड

अग्निपथ’ (Agnipath Scheme) को लेकर देश के कई राज्यों में हो रहे हिंसा विरोध-प्रदर्शन के बीच रविवार को सेना के तीनों प्रमुखों ने साफ कह दिया है, कि इस योजना को वापस नहीं लिया जाएगा।

तीनों सेना की साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा गया कि अब सभी भर्तियां इसी के जरिये होंगी। प्रेस कॉन्फ्रेस के दौरान DMA के एडिशनल सेंक्रेटरी लेफ्टिनेंट जनरल अनिल पुरी ने कहा कि हमारे साथ जो ‘अग्निवीर’ में जुड़ना चाहता है वो किसी भी प्रदर्शन या तोड़फोड़ का हिस्सा नहीं रहा हो।

अनिल पुरी ने कहा की फौज में पुलिस वेरिफिकेशन के बिना कोई नहीं आ सकता। इसलिए प्रदर्शन कर रहे छात्रों से अनुरोध है कि अपना समय खराब न करें। अगर उनके खिलाफ कोई प्राथमिकी दर्ज की जाती है, तो वे सेना में शामिल नहीं हो सकते…उन्हें (आकांक्षी) नामांकन फॉर्म के हिस्से के रूप में यह लिखने के लिए कहा जाएगा कि वे आगजनी का हिस्सा नहीं थे, उनका पुलिस सत्यापन किया जाएगा।

FIR वाले उम्मीदवार को सेना में जगह नहीं’

लेफ्टिनेंट जनरल अनिल पुरी ने कहा कि अनुशासन भारतीय सेना की नींव है। आगजनी, तोड़फोड़ के लिए इसमें कोई जगह नहीं है। हर व्यक्ति को एक प्रमाण पत्र देना होगा कि वे प्रदर्शन का हिस्सा नहीं थे। पुलिस सत्यापन 100% है, उसके बिना कोई शामिल नहीं हो सकता।

लेफ्टिनेंट जनरल अनिल पुरी ने कहा कि अनुशासन सशस्त्र बलों के लिए एक बुनियादी जरूरत है। अगर किसी भी उम्मीदवार के खिलाफ कोई प्राथमिकी है तो वे इसका हिस्सा नहीं हो सकते हैं।

डीएमए के ए़डिश्नल सेक्रेटरी लेफ्टिनेंट जनरल अनिल पुरी ने कहा कि ‘अग्निवीर’ को सियाचिन और अन्य क्षेत्रों में वही भत्ता मिलेगा जो वर्तमान में सेवारत नियमित सैनिकों पर लागू होता है। सेवा शर्तों में उनके साथ कोई भेदभाव नहीं होगा।

उन्होंने कहा कि ‘अग्निवीर’ भी हमारे जैसे कपड़े पहनेंगे, लंगर में साथ खाना खाएंगे। साथ ही देश की सेवा में बलिदान देने वाले ‘अग्निवीरों’ को एक करोड़ रुपये का मुआवजा मिलेगा।

वहीं, एयर मार्शल एसके झा ने कहा कि दिसंबर के अंत तक ‘अग्नवीर’ के पहले बैच को वायुसेना में शामिल कर लिया जाएगा और 30 दिसंबर से पहले बैच की ट्रेनिंग शुरू हो जाएगी।

उन्होंने कहा कि भारतीय वायुसेना में 24 जून से ‘अग्निवीरों’ के पहले बैच को लेने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। यह एक ऑनलाइन सिस्टम है. उसी के तहत उसपर रजिस्ट्रेशन शुरू होगा। एक महीने बाद 24 जुलाई से फैज-1 ऑनलाइन परीक्षाएं शुरू हो जाएंगी।

उधर, नौसेना के वाइस एडमिरल डीके त्रिपाठी ने कहा कि हमने अपनी भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है। 25 जून तक हमारा एडवरटाइजमेंट सूचना और प्रसारण मंत्रालय में पहुंच जाएगा। एक महीने के अंदर भर्ती प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। 21 नवंबर को हमारे पहले ‘अग्निवीर’ हमारे ट्रेनिंग संस्थान में रिपोर्ट करेंगे।

वाइस एडमिरल डीके त्रिपाठी ने कहा कि नौसेना में हम महिला ‘अग्निवीर’ भी ले रहे हैं। उसके लिए हमारी ट्रेनिंग में जो संशोधन करना है उसके लिए काम शुरू हो चुका है। हमें 21 नवंबर का इंतजार है, मुझे आशा है कि महिला और पुरुष ‘अग्निवीर’ आईएनएस चिल्का पर रिपोर्ट करेंगे।

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