उत्तरकाशी: ग्राम क्यारक में भारी वर्षा के बाद भू-धंसान, प्रभावित परिवारों के लिए पुनर्वास की मांग
उत्तरकाशी। तहसील भटवाड़ी के ग्राम क्यारक में 5 जुलाई 2025 की लगातार भारी वर्षा और भागीरथी नदी तथा पपड़ गाड़ के तेज कटाव के कारण गंभीर भू-धंसान और भूमि कटाव की स्थिति पैदा हो गई। इससे ग्राम के कई घर, कृषि भूमि और सार्वजनिक संपत्तियाँ खतरे में हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई परिवार अब सुरक्षित और रहने योग्य स्थानों से वंचित हो गए हैं। खासकर अवतार सिंह और कपिल पंवार के आवासीय भवन पूरी तरह से ध्वस्त हो चुके हैं। प्रभावित परिवार वर्तमान में असुरक्षित परिस्थितियों में जीवन-यापन कर रहे हैं और आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।
ग्रामवासियों ने प्रशासन से तत्काल पुनर्वास और आपदा राहत देने की मांग की है। उनका कहना है कि प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जाए और आपदा राहत नियमावली के अनुसार आर्थिक सहायता एवं पुनर्वास सुविधाएँ प्रदान की जाएँ, ताकि वे सम्मानजनक जीवन जी सकें।
स्थानीय लोगों ने बताया कि 12 जुलाई को तहसील प्रशासन को स्थिति की जानकारी दी गई, लेकिन ग्राम क्यारक राष्ट्रीय राजमार्ग से मात्र 500 मीटर दूर होने के बावजूद प्रशासन प्रभावित क्षेत्र तक पहुँचने में असमर्थ रहा। इससे ग्रामीणों में नाराजगी और चिंता बढ़ गई है।
ग्रामवासियों का कहना है कि यदि शीघ्र ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो जन-धन और जीवन का नुकसान होने का खतरा बना रहेगा।
गौरतलब है कि 2013 की आपदा में भी भू-वैज्ञानिकों ने इस गाँव को विस्थापन की रिपोर्ट दी थी। रात भर हुई बारिश के कारण ग्रामीण नींद से वंचित रहे।
ग्राम प्रधान दीपिका राणा ने प्रशासन से पुनः आग्रह किया है कि प्रभावित परिवारों को उचित स्थानों पर विस्थापित किया जाए और तत्काल राहत दी जाए।



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