- यूजीसी कानून को उपजे विवाद के बीच युवा लेखक अंकित भट्ट का आया बयान।
- कहा नए कानून से सामान्य वर्ग के बीच असुरक्षा और असंतुलन की भावना।
देहरादून। यूजीसी कानून को लेकर देश भर में हो रहे विरोध प्रदर्शन के बीच युवा लेखक अंकित भट्ट का बयान भी सामने आया है। उन्होंने सामान्य वर्ग की हितों की चिंता जताते हुए कहा यूजीसी कानून सामान्य वर्ग के साथ एक पक्षीय, असंतुलन, और भेदभाव पूर्ण व्यवहार की भावना को जन्म देगा।
उन्होंने आगे कहा कि शिक्षा में समानता और भेदभाव पूर्ण वातावरण आवश्यक है इसके वह समर्थक है।परन्तु किसी नियम और कानून से यदि सामान्य वर्ग को असुरक्षा ,असंतुलन,की भावना पैदा हो तो उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करना भी सरकार और संवैधानिक संस्थाओं की जिम्मेदारी है।
उन्होंने आगे इस बात पर जोर देते हुए कहा कि सामान्य वर्ग के साथ किसी भी प्रकार का मानसिक,संस्थागत,सामाजिक अन्याय अस्वीकार्य है बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था की मूल भावना के विरुद्ध भी है।
उन्होंने सरकारों से भी इस मामले में हल निकालकर सामान्य वर्ग की हित की बात कही जिससे शिक्षण संस्थानों में शिक्षा का भेदभावपूर्ण और समानता का वातावरण बन सके।
