उत्तराखंड

पहाड़ का गौरव: हल्द्वानी के हिमांशु ने कि सीडीएस (CDS) परीक्षा में ऑल इंडिया टाॅप। मां-बाप का नाम किया रोशन

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लहरों से डर कर नौका पार नहीं होती, कोशिश करने वालों की हार नहीं होती। नन्हीं चींटी जब दाना लेकर चलती है, चढ़ती दीवारों पर, सौ बार फिसलती है। 
मन का विश्वास रगों में साहस भरता है, चढ़कर गिरना, गिरकर चढ़ना नहीं अखरता है। आख़िर उसकी मेहनत बेकार नहीं होती, कोशिश करने वालों की हार नहीं होती।

हल्द्वानी/इन्फो उत्तराखंड

इस पंक्ति का मतलब है, कि अगर आप भी मेहनत करते हैं, तो आप की कभी हार नहीं हो सकती। चाहे कितनी भी परेशानी आ जाए। आपकी मेहनत कभी बेकार नहीं जाएगी। एक न एक दिन आपकी मेहनत, व कामयाबी जरूर रंग लायेगी।

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वैसे ही हम बात करें हल्द्वानी की हिमांशु पांडे की, जिसने कई बार परीक्षा देखकर भी उन्हें सफलता नहीं मिल पाई, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। और फिर क्या उनकी मेहनत रंग लाई और उन्होंने ने सीडीएस की परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक हासिल करके देश का ही नहीं बल्कि अपने मां-बाप का नाम भी रोशन किया।

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मिली जानकारी के अनुसार हल्द्वानी के पूरनपुर कुमटिया, लामाचैड़ा निवासी हिमांशु पांडे ने पूरे देश में पहला स्थान प्राप्त किया है। देश में टाॅप रैंक के साथ ही उनका चयन भारतीय सैन्य अकादमी देहरादून के लिए हो गया है।

बचपन से ही सैन्य अफसर बनने का सपना देखने वाले हिमांशु के पिता कमल पांडे एक प्राइवेट कंपनी में ड्राइवर है, जबकि उनकी मां दीपिका पांडे हाउसवाइफ हैं।

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हिमांशु ने पहली बार सैन्य परीक्षा 2017 में दी थी। उस समय वह 12वीं में पढ़ रहे थे। हालांकि इसके बाद भी उन्होंने परीक्षा दी, लेकिन सफलता नहीं मिल पाई।

अब हिमांशु के इस परीक्षा में अखिल भारतीय स्तर पर टाॅपर बनने पर शनिवार को उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा रहा है।

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