बड़ी खबर : विधानसभा अध्यक्ष के निर्णय पर करन माहरा (Karan Mahra) ने दी ये प्रतिक्रिया, कहा राज्य गठन से होनी चाहिए थी विधानसभा की जांच, देखिए वीडियो..

बड़ी खबर : विधानसभा अध्यक्ष के निर्णय पर करन माहरा (Karan Mahra) ने दी ये प्रतिक्रिया, कहा राज्य गठन से होनी चाहिए थी विधानसभा की जांच, देखिए वीडियो..

विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी ने निर्णय लेते हुए 2016 के बाद विधानसभा में हुई सभी 228 नियुक्तियों को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया”

देहरादून/इंफो उत्तराखंड 

कल देर शाम को कोटिया समिति के द्वारा विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी को जांच रिपोर्ट सौंपी गई थी, जिसके बाद आज 12:00 बजे विधानसभा में विधानसभा अध्यक्ष द्वारा प्रेस वार्ता लाभ की गई। जिसमें जांच रिपोर्ट के माध्यम से 2016 के बाद हुई सभी भर्तियों को निरस्त कर दिया गया है। साथी ही विधानसभा सचिव को भी निलंबित कर दिया गया है।

विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खडूडी ने कहा कि वर्ष 2016 में (150) और 2020 में (6) और 2021 में (72) नियुक्तियां की गई, जिन्हें सभी निरस्त कर दी गई।

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विधानसभा अध्यक्ष के फैसले पर क्या बोले करन माहरा 

विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी आपने जो कारवाई करने की बातें कहीं हैं, वह पूरा न्याय नहीं है, कांग्रेस पार्टी पहले दिन से यह कहती आ रही है कि 2000 से विधानसभा में भर्तियां प्रारंभ हुई है तब से लेकर अब तक समदृष्टि से जांच होनी चाहिए साथ ही कांग्रेस पार्टी की यह भी मांग है कि जिन नेताओं ने अपनी नैतिकता का परित्याग करते हुए जनता को धोखे में रखा और प्रदेश की जनता के साथ छल किया उनके खिलाफ कार्यवाही होनी चाहिए।

जनता ने जिन पर भरोसा किया उन्होंने लोकतंत्र के मंदिर की गरिमा को तार-तार ही नहीं किया बल्कि अपने परिजनों, रिश्तेदारों और चहेतो को विधानसभा में बैकडोर से नियुक्तियां करते हुए विशेषाधिकार का हनन किया।

सवाल ये उठता है कि आज उन लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई हो रही है यह महत्वपूर्ण है साथ ही यह भी महत्वपूर्ण है कि शासन स्तर के जिन अधिकारियों की संलिप्ता इस प्रकरण में रही है उनके खिलाफ क्या कार्रवाई होगी?

दूसरी ओर जो जांच समिति गठित हुई है उसको भी चुनौती दी जा सकती है क्योंकि हमारा मानना है कि विधानसभा अध्यक्ष द्वारा की गई कार्यवाही की जांच कोई आईएएस अधिकारी नहीं कर सकता।

हितसाधको को इस बात का लाभ कोर्ट में मिलेगा कि विधानसभा अध्यक्ष के कार्यों की जांच किसी भी अधिकारी, कर्मचारी से नहीं कराई जा सकती और जिन नेताओं वा रसूखदार लोगों ने अपने परिजनों की विधानसभा में नौकरी लगवाई है उनके खिलाफ क्या कार्रवाई होगी यह हमारा बड़ा प्रश्न है साथ ही कांग्रेस पार्टी का उद्देश्य किसी को नौकरी से हटाना नहीं है अपितु भ्रष्ट नेताओं को जनता के सामने एक्सपोज करना है।

इन लोगों ने अपने रसूख अपनी ताकत अपनी हैसियत का इस्तेमाल करते हुए जनता को छलने का काम किया और अपने चहेतों को बैकडोर के माध्यम से नौकरियां दिलाने का अनैतिक काम किया जो अक्षम्य है।

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