- खुलासा : दूसरी पत्नी के लिए पति ने की पहली पत्नी की हत्या
- कट्टे में लाश भर जंगल में फेंकी, आरोपी पति गिरफ्तार
देहरादून। प्रेमनगर क्षेत्र में अज्ञात महिला का शव मिलने के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने खुलासा करते हुए ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी सुलझा ली है। हत्या महिला के पहले पति ने ही की थी, जिसने शव को कट्टे में बंद कर मांडूवाला के जंगल में फेंक दिया था।
एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने बताया कि 11 मार्च 2026 को मांडूवाला रोड स्थित बालासुंदरी मंदिर परिसर में एक सफेद प्लास्टिक के कट्टे में महिला का शव बरामद हुआ था। शव कई दिन पुराना होने और चेहरा खराब हो जाने के कारण पहचान नहीं हो सकी थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या की पुष्टि हुई।
5000 सत्यापन एवं 2500 सीसीटीवी खंगालने के बाद खुला राज
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी के निर्देश पर आठ टीमों का गठन किया गया। पुलिस ने आसपास के क्षेत्रों में सघन जांच, 2500 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने और सर्विलांस के जरिए सुराग जुटाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद पुलिस ने 30 से अधिक झुग्गी-बस्तियों में अभियान चलाकर करीब 5000 लोगों का सत्यापन किया।
जांच के दौरान कॉसवाली कोठरी क्षेत्र में जानकारी मिली कि एक मजदूर की पत्नी होली के बाद से लापता है, जबकि उसका बच्चा दूसरी महिला के साथ दिखाई दे रहा है। पुलिस ने संदिग्ध मजदूर रंजीत शर्मा को भाटोवाला से गिरफ्तार कर सख्ती से पूछताछ की, जिसमें उसने अपनी पहली पत्नी रूपा की हत्या करना कबूल कर लिया।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वर्ष 2009 में उसकी शादी रूपा से हुई थी। चार साल पहले रूपा किसी अन्य व्यक्ति के साथ चली गई थी, जिसके बाद उसने दूसरी शादी कर ली। एक साल पहले रूपा वापस उसके संपर्क में आई और फरवरी 2026 में 11 माह की बच्ची के साथ देहरादून आकर उसके साथ रहने लगी। इस दौरान वह आरोपी पर दूसरी पत्नी को छोड़ने का दबाव बना रही थी, जिससे दोनों के बीच विवाद होता रहता था।
हत्या के बाद चार दिन कमरे में रखा शव
5 मार्च की रात विवाद के दौरान आरोपी ने गला दबाकर रूपा की हत्या कर दी। उसने शव को चार दिन तक कमरे में छिपाकर रखा और बाद में दूसरी पत्नी के आने पर बच्ची को उसके पास छोड़कर शव को मोटरसाइकिल से ले जाकर जंगल में फेंक दिया।
पुलिस के अनुसार, मृतका हाल ही में देहरादून आई थी और स्थानीय स्तर पर उसकी पहचान नहीं थी, इसी वजह से आरोपी को लगा कि वह बच जाएगा। हालांकि पुलिस ने लगातार प्रयास कर मामले का खुलासा कर दिया।
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। मामले का खुलासा करने वाली टीम को आईजी गढ़वाल द्वारा 5000 रुपये और एसएसपी डोबाल द्वारा 2500 रुपये के नकद पुरस्कार की घोषणा की गई है।
