- समान काम-समान जॉइनिंग, फिर भी अलग-अलग भुगतान क्यों?
- दून अस्पताल में इंसेंटिव पर मचा घमासान
देहरादून। दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में आयुष्मान इंसेंटिव राशि के वितरण को लेकर कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ गई है। नर्सिंग अधिकारियों और अन्य कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि इंसेंटिव भुगतान में भेदभाव किया गया है, जबकि सभी की जॉइनिंग अवधि और कार्य समान है।
अस्पताल प्रशासन ने डॉक्टरों, नर्सिंग अधिकारियों और सफाई कर्मचारियों के लिए आयुष्मान इंसेंटिव जारी किया है। डॉक्टरों और सफाई कर्मचारियों के खातों में पहले ही राशि पहुंच गई थी, जबकि नर्सिंग अधिकारियों का भुगतान कुछ समय के लिए रुका रहा। बाद में कल देर शाम उनका भुगतान भी कर दिया गया।
कर्मचारियों का कहना है कि पहले आयुष्मान इंसेंटिव सभी पात्र कर्मचारियों को समान रूप से दिया जाता था, लेकिन इस बार अलग-अलग राशि दी गई है। कुछ कर्मचारियों को करीब 6524 रुपये मिले, जबकि कुछ को 11 हजार रुपये तक का भुगतान किया गया। इसे लेकर कर्मचारियों में असंतोष है।
नर्सिंग अधिकारियों का कहना है कि जिन कर्मचारियों को अलग-अलग राशि मिली है, उन सभी की जॉइनिंग अप्रैल 2024 की है। ऐसे में इंसेंटिव की गणना समान आधार पर होनी चाहिए थी। उनका कहना है कि जब सभी ने समान अवधि तक कार्य किया है तो भुगतान में अंतर क्यों किया गया।
कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि न तो भुगतान का कोई स्पष्ट फार्मूला सार्वजनिक किया गया और न ही पात्र कर्मचारियों की सूची चस्पा की गई। इससे पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं। उनका कहना है कि यदि पहले सभी को समान भुगतान मिलता था तो इस बार नियम क्यों बदले गए।
कर्मचारियों ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) के नियमों का हवाला देते हुए कहा कि आयुष्मान इंसेंटिव में नर्सिंग स्टाफ का 15 प्रतिशत निश्चित हिस्सा होता है और इसका वितरण समान कार्य के आधार पर होना चाहिए। उनका आरोप है कि इस बार प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं रखी गई।
अस्पताल प्रशासन ने 13 अप्रैल को आयुष्मान इंसेंटिव का चेक जारी किया था, जिसके बाद भुगतान प्रक्रिया शुरू हुई। हालांकि अब सभी कर्मचारियों को राशि मिल चुकी है, लेकिन असमान वितरण को लेकर सवाल बने हुए हैं।
दून मेडिकल कॉलेज प्रशासन से इस संबंध में पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन खबर लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी।
