- दून मेडिकल कॉलेज में शुरू हुई सुपर स्पेशलिटी MCH यूरोलॉजी
- स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने 12 बेड के कार्डियोलॉजी विंग व नवीन इमरजेंसी मेडिसिन वार्ड का लोकार्पण किया
देहरादून। राजकीय दून मेडिकल कॉलेज एवं चिकित्सालय में सुपर स्पेशलिटी चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में नई शुरुआत हुई। कॉलेज में राज्य का पहला एमसीएच यूरोलॉजी सुपर स्पेशलिटी पाठ्यक्रम शुरू किया गया। इसके तहत पहले दो अभ्यर्थियों डॉ. विशाल सिंह चौहान और डॉ. इकरार अली को प्रवेश एवं ज्वाइनिंग पत्र सौंपे गए।
12 बेड का कार्डियोलॉजी विंग शुरू
कार्यक्रम के दौरान कार्डियोलॉजी विभाग के 12 बेड के नवनिर्मित विंग का भी लोकार्पण किया गया। नए विंग के शुरू होने से हृदय रोगियों को उपचार के लिए अतिरिक्त सुविधाएं मिल सकेंगी। इसके साथ ही नवीन इमरजेंसी मेडिसिन वार्ड का भी उद्घाटन किया गया। इससे गंभीर और आपातकालीन मरीजों के उपचार की क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
प्रदेश में ही मिलेंगी विशेषज्ञ सेवाएं : उनियाल
स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल और निदेशक चिकित्सा शिक्षा प्रो. (डॉ.) आशुतोष सयाना ने संस्थान की उपलब्धियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि सुपर स्पेशलिटी पाठ्यक्रम और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
इस दौरान सुपर स्पेशलिटी सेवाओं के विस्तार, मरीजों को गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने, चिकित्सा शिक्षा में सुधार, आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण, मानव संसाधन और भविष्य में नई सुपर स्पेशलिटी सेवाएं शुरू करने को लेकर भी चर्चा हुई।
सामूहिक प्रयास का परिणाम : जैन
डीन एवं प्राचार्य प्रो. (डॉ.) गीता जैन ने कहा कि एमसीएच यूरोलॉजी की शुरुआत किसी एक व्यक्ति की उपलब्धि नहीं, बल्कि संस्थान के चिकित्सकों, संकाय सदस्यों, अधिकारियों और कर्मचारियों के सामूहिक प्रयास का परिणाम है। संस्थान का लक्ष्य उत्तराखंड के मरीजों को उच्च गुणवत्ता वाली विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं प्रदेश में ही उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा शिक्षा के साथ मरीजों के प्रति मानवीय संवेदनाओं को भी प्राथमिकता दी जा रही है।
कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल, निदेशक चिकित्सा शिक्षा प्रो. (डॉ.) आशुतोष सयाना, डीन एवं प्राचार्य प्रो. (डॉ.) गीता जैन, चिकित्सा अधीक्षक प्रो. (डॉ.) आरएस बिष्ट, उप चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विनम्र मित्तल और डॉ. शोभा वी. समेत कॉलेज के वरिष्ठ चिकित्सक, संकाय सदस्य और अधिकारी मौजूद रहे।