- पहाड़ों में मिला बंद का असर, मैदानों में मिला जुला
नीरज पाल
देहरादून। अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर रविवार को आहूत एक दिवसीय उत्तराखंड बंद का असर राजधानी देहरादून सहित मैदानी इलाकों में सीमित नजर आया, जबकि पर्वतीय क्षेत्रों में बंद लगभग पूरी तरह सफल रहा। देहरादून के अधिकांश बाजारों में दिनभर सामान्य गतिविधियां जारी रहीं। प्रमुख व्यापारिक क्षेत्र पलटन बाजार में सभी दुकानें खुली रहीं।

रविवार को देहरादून के कुछ स्थानों पर आंशिक रूप से दुकानें बंद दिखीं, लेकिन कुल मिलाकर बंद का व्यापक असर नहीं दिखा। एक दिन पूर्व व्यापार मंडलों की ओर से आयोजित प्रेस वार्ता में साफ किया गया था कि मुख्यमंत्री द्वारा सीबीआई जांच की संस्तुति दिए जाने के बाद बंद का औचित्य नहीं रह जाता। व्यापारिक संगठनों के इस रुख के चलते बंद को अपेक्षित समर्थन नहीं मिल सका।
इधर, अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच के आह्वान पर विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता गांधी पार्क में एकत्र हुए। वहां से रैली निकालकर कार्यकर्ता घंटाघर होते हुए पलटन बाजार पहुंचे। वहां पर मंच द्वारा दुकानदारों से दुकानें बंद रखने की अपील की गई, लेकिन बाजारों पर इसका खास असर नहीं पड़ा। इस दौरान आंदोलनकारियों के आग्रह पर दुकानदारों ने कुछ समय के लिए दुकानें बंद कीं, हालांकि अधिकांश दुकानें खुली रहीं।

न्याय की लड़ाई है, किसी एक व्यक्ति की नहीं : डिमरी
संघर्ष मंच के प्रतिनिधि मोहित डिमरी ने कहा कि यह लड़ाई किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि न्याय की लड़ाई है। उन्होंने मांग दोहराई कि पूरे मामले की जांच सीबीआई से कराई जाए और जांच की निगरानी भी सीबीआई स्तर पर हो। उन्होंने कहा कि यदि कोई वीआईपी या प्रभावशाली व्यक्ति इस मामले में शामिल है तो उसे भी जांच के दायरे में लाकर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
डिमरी ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जनभावनाओं की अनदेखी की तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। आने वाले समय में चक्का जाम और सरकारी कार्यालयों के घेराव जैसे कदम उठाए जा सकते हैं।
समर्थन करने वालों का जताया आभार
संघर्ष मंच से जुड़े ललित श्रीवास्तव ने कहा कि बंद को विफल करने के प्रयास जरूर हुए, लेकिन इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोगों ने बैनर और प्रतीकों के माध्यम से अंकिता को न्याय दिलाने के लिए समर्थन जताया। उन्होंने दुकानें खुली रखने वाले लोगों से भी पीड़ित परिवार की आर्थिक मदद के लिए आगे आने की अपील की।
जनजीवन सामान्य रहा, कानून व्यवस्था रही नियंत्रित
एसएसपी देहरादून अजय सिंह ने बताया कि व्यापार मंडलों और ट्रांसपोर्ट यूनियनों ने बंद का समर्थन नहीं किया। मामला न्यायिक प्रक्रिया में होने के कारण आमजन में संयम देखने को मिला। उन्होंने कहा कि कहीं से भी जबरन बंद या किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है।
एसएसपी ने स्पष्ट किया कि अंकिता के माता-पिता द्वारा दिया गया प्रार्थना पत्र पुलिस रिकॉर्ड का हिस्सा है और उसमें उठाए गए बिंदुओं पर विधिक प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जा रही है। सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों की भी जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि शहर में कानून व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में रही।
– अजय सिंह, एसएसपी, देहरादून