देहरादून। शनिवार को उत्तराखंड बोर्ड के नतीजे घोषित कर दिए गए हैं, जहां हाईस्कूल में पास होने का प्रतिशत 92.10% और इंटर में 85.11% रहा है। इस साल बोर्ड परीक्षा में फिर बेटियों ने अच्छा परफॉर्म किया है। इंटर में 88.09% बालिकाएं पास हुई हैं। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के डीएवी इंटर कॉलेज की मानसी टॉप 25 टॉपर की लिस्ट में शामिल हुई है, उनके राज्य में 14वें स्थान पाने पर स्कूल में खुशी का माहौल है। मानसी देहरादून नहीं बल्कि चमोली जिले की रहने वाली हैं।
मानसी ने बताया कि वह चमोली के थराली जिले में रहती थी। उन्होंने दसवीं तक गांव में रहकर ही पढ़ाई की लेकिन वहां ट्यूशन और संसाधन ज्यादा नहीं थे इसी वजह से उन्हें शहर का रुख करना पड़ा। मानसी बताती हैं कि गांव में सिर्फ पढ़ाई ही नहीं बल्कि घर के कई सारे काम हुआ करते थे। उनकी मां भी खेती बाड़ी करती थी और वह खुद भी पशुपालन आदि के काम में लगी रहती थी लेकिन इसके साथ ही में पढ़ाई पर भी पूरा फोकस करती थी। उन्होंने बताया कि उनका दैनिक जीवन शहर के लाइफस्टाइल से बिल्कुल अलग था। उन्हें सुबह 5:00 बजे उठना पड़ता था क्योंकि घर से स्कूल बहुत दूर था जहां पहुंचने में एक से डेढ़ घंटे का समय लगता था।
घर के काम के साथ- साथ पढ़ाई की लेकिन वह आगे की पढ़ाई अच्छी जगह करना चाहती थी इसी वजह से वह देहरादून आ गई और यहां मेहनत की और 12वीं में 94.6 % लाकर राज्य में 14वाँ स्थान हासिल किया। मानसी ने बताया कि स्कूल जाना इतना आसान काम नहीं था क्योंकि सड़के नहीं थी संकरे रास्ते से जाना पड़ता है, उन्होंने बताया कि जंगली जानवरों का भी खतरा होता है। उन्होंने कहा कि कई स्कूली बच्चों और टीचर्स पर हमला होता था तो हमें डर लगता था।
उन्होंने बताया कि बरसात के दौरान रास्ता कच्चा होता है और पहाड़ भी टूटकर गिरते हैं तो स्कूल जाना बहुत मुश्किल होता है, इसीलिए ज़्यादा दिन स्कूल की छुट्टी करके पढ़ना पड़ता था। उन्होंने बताया कि 10वीं के बाद उन्होंने देहरादून में शिफ्ट किया ताकि कोचिंग मिल सके और सिविल सर्विस की तैयारी कर वह आईएएस बनना चाहती हैं, वह समाज में बदलाव लाना चाहती हैं।
