बड़ी खबर : कर्मचारी अधीनस्थ चयन आयोग में हुई धांधली और विधानसभा में बैकडोर से हुई भर्तियों की सीबीआई जांच कराए सरकार : जोशी

बड़ी खबर : कर्मचारी अधीनस्थ चयन आयोग में हुई धांधली और विधानसभा में बैकडोर से हुई भर्तियों की सीबीआई जांच कराए सरकार : जोशी

अल्मोड़ा/इंफो उत्तराखंड 

आम आदमी पार्टी के संस्थापक सदस्य और पूर्व विधायक प्रत्याशी भुवन चन्द्र जोशी ने कर्मचारी अधीनस्थ चयन आयोग में हुई धांधली की सीबीआई जांच कराने की मांग की है। प्रैस को जारी एक बयान में भुवन जोशी ने गहरा रोष व्यक्त करते हुए कहा कि भाजपा सरकार में कर्मचारी अधीनस्थ चयन आयोग की परीक्षा में हुई धांधली के कारण लाखों विद्यार्थियों का भविष्य अधर में लटक गया है।

विद्यार्थी सालों से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, परंतु अंत में कुछ लोगों के द्वारा की जाने वाली धांधलियों से युवाओं को रोजगार से वंचित रहना पड़ता है। उन्होंने कहा कि कर्मचारी अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की परीक्षाओं में हुई धांधली के कारण युवाओं में गहन निराशा है, और युवा मानसिक अवसाद की ओर जाने को मजबूर है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में जो परीक्षाएं रद्द की गई हैं, उन्हें अतिशीघ्र सम्पन्न कराया जाएं तथा उपरोक्त प्रकरण में लिप्त दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि इस प्रकरण की सीबीआई जांच होना बेहद आवश्यक है, जिससे कि ईमानदार, मेहनती युवाओं के साथ खिलवाड़ करने वालों की पहचान हो सके तथा उन्हें कठोर दण्ड मिले।

जोशी ने कहा कि विद्यार्थी सालों से मेहनत करके इन परीक्षाओं की तैयारी करते हैं और चंद लोगों के कारण उनकी सालों की मेहनत बर्बाद हो जाती है। जोशी ने यह भी कहा कि वे अपने उत्तराखंड के युवाओं के साथ खड़े हैं और पुरजोर तरीके से मांग करते हैं कि कर्मचारी अधीनस्थ चयन आयोग में हुए भर्ती घोटाले की सीबीआई जांच की जाएं।

जोशी ने कहा कि वैसे ही युवा भाजपा की इस सरकार में बेरोजगारी का दंश झेल रहा है, उस पर भी कर्मचारी अधीनस्थ चयन आयोग जैसी संस्था में नौकरियों का फर्जीवाड़ा होना समझ से परे है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार अपनी सरकार में हुए इस फर्जीवाड़े की सीबीआई जांच कराए ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि हर साल 2 करोड़ युवाओं को रोजगार का वादा करने वाली मोदी/भाजपा की इस सरकार में नौकरियां तो दूर पदों की विज्ञप्तियां भी नहीं निकल रही है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि युवाओं के बेहतर भविष्य को ध्यान में रखते हुए एकदम पारदर्शिता के साथ सभी विभागों में पड़े रिक्त पदों को भरने का काम करे।

वही दूसरी ओर विधानसभा में बिना विज्ञप्ति जारी किए पिछले दरवाजे से गुपचुप तरीके से विधायको और मंत्रियों उनके रिश्तेदारों को नौकरियां दी जा रही है, उत्तराखण्ड में चाहे भाजपा की सरकार हो या काँग्रेस दोनों में कोई पीछे नही है, जब जिसकी सरकार रही उसने अपने लोगो को नौकरी रखा है।

जोशी ने आशंका जताई है, कि अन्य विभागों में भी ये खेल चला है, एक ओर जहाँ उत्तराखण्ड का युवा बेरोजगार है और मजबूरी में पलायन कर रहा है, वहीं नेताओं की शय पर दूसरे प्रदेश के लोगो को गुपचुप तरीके से नौकरियों में रखा गया है, उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की इन मामलों की सीबीआई जाँच और इसमें दोषी विधायको और मंत्रियों को तत्काल पदों से हटाकर सजा की माँग की है।

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