आस्था : 22 मार्च को होगा ऐतिहासिक श्री झंडे मेला का आयोजन। जानिए उस दिन क्या क्या होगा खास। पढ़िए रिपोर्ट,,,

आस्था : 22 मार्च को होगा ऐतिहासिक श्री झंडे मेला का आयोजन। जानिए उस दिन क्या क्या होगा खास। पढ़िए रिपोर्ट,,,

  • 22 मार्च को श्री झंडे जी का आरोहण
  • 24 मार्च को ऐतिहासिक नगर परिक्रमा
  • 10 अप्रैल को राव नवमी के दिन मेला संपन्न
ब्यूरो। ऐतिहासिक श्री झंडे जी मेले के आयोजन की तैयारी को लेकर सोमवार को श्री दरबार साहिब प्रबंधन की बैठक आयोजित की गई। जिसमें 22 मार्च को ऐतिहासिक श्री झंडे जी के आरोहण के साथ मेले का भी शुभारंभ किया जाएगा। मेला आयोजन समिति की ओर से मेले की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है।
श्री महंत देवेंद्र दास महाराज की ओर से मेला आयोजन समिति के सभी पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। मेला आयोजन समिति के व्यवस्थापक केसी जुयाल ने बताया कि इस वर्ष लाखों की संख्या में देश-विदेश से संगतो के पहुंचने की उम्मीद है। मेले के दौरान होने वाली प्रमुख गतिविधियों और उनके संचालन को लेकर तैयारियां पूरी है। मेले के सफल संचालन के लिए 50 समितियों का गठन किया गया है। संगतो के ठहरने की समुचित व्यवस्था की गई है। इस वर्ष मेला आयोजन के दौरान आठ बड़े लंगर और चार छोटे नगरों की विशेष व्यवस्था की गई है।
बताया कि 12 मार्च को श्री दरबार साहिब के प्रतिनिधि सुबोध उनियाल पंजाब की पैदल संगत के लिए श्री महंत देवेंद्र दास महाराज का हुकुमनामा लेकर जाएंगे। 14 मार्च को अराइंयावाला में श्री झंडे जी का आरोहण किया जाएगा। 15 मार्च को पैदल संगतो का जत्था सहसपुर पहुंचेगा। 16 मार्च को पैदल संगत कांवली होते हुए श्री दरबार साहिब पहुंचेगी। श्रीमहंत देवेंद्र दास महाराज की  अगुआई में दर्शनी गेट पर परंपरानुसार पैदल संगत का भव्य स्वागत किया जाएगा।
ऐसा रहेगा कार्यक्रम
16 मार्च से संतों के श्री दरबार साहिब पहुंचने का सिलसिला शुरू हो जाएगा। 19 मार्च को श्री झंडे जी के आरोहण के लिए तैयार किए गई ध्वजदंड को एसजीआरआर बाम्बे बाग स्कूल से श्री दरबार साहिब तक लाया जाएगा। इसी दिन गिलाफ सिलाई का कार्य भी शुरू हो जाएगा। 21 मार्च की शाम को परंपरा के अनुसार पूर्व से आए संगतो की विदाई होगी।
22 मार्च की शुभ हो 8:00 से लेकर 9:00 के बीच श्री झंडे जी को उतारने का कार्यक्रम होगा सेवक को संगत तो की ओर से श्री झंडे जी को दही घी गंगाजल व पंचगव्य से स्नान कराया जाएगा सुबह 10:00 बजे से 2:00 बजे तक श्री महंत देवेंद्र दास की ओर से संगतो को दर्शन दिए जाएंगे शाम 3:00 से 4:00 के बीच श्री झंडे जी का अरुण किया जाएगा 24 मार्च को नगर परिक्रमा होगी 10 अप्रैल को रामनवमी के दिन श्री चंद जी मेला संपन्न हो जाएगा।
उत्तराखंड