“एल आई सी” (LIC) व “आई पी ओं” (IPO) धोखा है, “देश बचालो मौका है”

“एल आई सी” (LIC) व “आई पी ओं” (IPO) धोखा है, “देश बचालो मौका है”

एल आई सी के आई पी ओं के खिलाफ निगम के कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन

 

देहरादून/इंफो उत्तराखंड

भारत सरकार द्वारा भारतीय जीवन बीमा निगम के शेयर को बाजार में लाये जाने के विरोध में निगम के कर्मचारी संगठन आई इंडिया इंश्योरेंस एम्प्लोयीज एसोसीयेशन और इंश्योरेंस एम्प्लॉयीज फेडेरेशन से जुड़े कर्मचारियों ने २ घंटे का कार्य बहिष्कार किया। भारतीय जीवन बीमा निगम के देहरादून मंडल कार्यालय में कर्मचारियों ने नारेबाजी और प्रदर्शन किया प्रदर्शन को संबोधित करते हुए संगठन के महासचव नन्दलाल शर्मा ने कहा कि मौजूदा सरकार द्वारा एल आई सी के निजीकरण की शुरुवात कर दी गयी है।

 

 

1956 में देश की 256 निजी कंपनियों के एकीकरण के साथ निगम का गठन इसलिए हुआ था की निजी कम्पनियों में पालिसीधारकों के हित सुरक्षित नहीं थे। आज निगम को पुनः उसी रास्ते में ले जाने की कोशिश की जा रही है.जबकि महज 5 करोड़ के निवेश के साथ प्रारंभ हुआ निगम पिछले ७० वर्षों में देश की तरक्की में कई लाख करोड़ का योगदान विभिन्न पंचवर्षीय योजनाओं में कर चूका है।

यह भी पढ़ें 👉  ब्रेकिंग : शिक्षा विभाग (education Department) में बीआरपी और सीआरपी के पदों पर आउटसोर्स के माध्यम से जल्द भरने की तैयारी

 

 

सभा को संबोधित करते हुए संगठन के उपाध्यक्ष प्रमोद गोयल ने कहा कि वित्तीय कारणों से निगम का विनिवेश करना एक झूठ है क्यूंकि निगम पूर्व में रेलवे और अन्य सार्वजनिक संस्थानों के लिए सरकार को वंचित राशि उपलब्ध करवा चूका है. साथ ही निगम का शेयर लाये जाने में उसके वेलुएशन को सरकार ने महज दो महीने में घटाकर आधा कर दिया है और इसके लिए कोई स्पष्ट उत्तर नही दिया गया है

यह भी पढ़ें 👉  सावधान : उत्तराखंड में आज भारी बारिश अलर्ट (alert), ये सावधानी बरतें..

 

 

संगठन के कोषाध्यक्ष मदन पंवार ने कहा कि पूर्व में भी सरकार निगम के कर्मचारियों के हितों के विपरीत फैसले लेती रही है लेकिन सबने एकजुट होकर उसे परास्त किया है इस बार भी सबकको एकजुट होना होगा।

 

फेडरेशन से जुड़े अनिल शर्मा ने कहा कि प्रतिरोध भले ही मौन हो पर कायम रहना चाहिए और हमें नए सिरे से जनता के बीच जाना चाहिए और निगम के निजीकरण के बाबत समझाना चाहिए।

यह भी पढ़ें 👉  प्रशासनिक फेरबदल : यहां शासन ने किए 11 आईएएस (IAS) अधिकारियों के ट्रांसफर (transfer)। देखें लिस्ट

 

ऐ आई आई ई ए के अध्यश तन्मय ने कहा की देश के 30 करोड़ पालिसी धारकों के साथ देश की तरक्की में सार्वजनिक पूँजी के हितों के खिलाफ यह फैसला सरकार द्वारा लिया गया है.जब देश रोजगार के अभूतपूर्व संकट से गुजर रहा है ऐसे में रोजगार के अवसर पैदा करने के बजाय सरकार एल आई सी जैसे संस्थानों पर कुठारघात कर रही है जो देश में लाखों रोजगार सृजत करते है।

 

 

सभा में सतीश शाह,उमेश धीमान,मुकेश नौटियाल,अमित चक्रवर्ती,नरेन्द्र सेमवाल, कैलाश खुक्साल, शशि, गीता जोशी,अनिल शर्मा, प्रदीप थपलियाल मौजूद थे

उत्तराखंड