- ईडी की पूछताछ के बाद शहीदों को नमन करने पहुंचे हरीश रावत
देहरादून। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) कार्यालय में करीब छह घंटे की पूछताछ के बाद पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत शनिवार शाम करीब 5:30 बजे बाहर निकले। इसके बाद वह विभिन्न शहीद स्मारकों और शहीदों की प्रतिमाओं पर श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचे। इस दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उनके साथ रहे।

हरीश रावत सबसे पहले गांधी पार्क पहुंचे। यहां उन्होंने नेताजी सुभाष चंद्र बोस और शहीद केसरी चंद की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया। इसके बाद कारगिल युद्ध के शहीदों के स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर वीर सैनिकों को नमन किया।
रावत ने कहा कि देश के शहीदों के सामने हर परिस्थिति छोटी है। उनके बलिदान से देश, लोकतंत्र और संविधान के प्रति अपने कर्तव्यों का बोध होता है। उन्होंने कहा कि देश की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीरों का त्याग कभी भुलाया नहीं जा सकता।
इसके बाद रावत नींबूवाला पहुंचे और शहीद दल बहादुर थापा की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद दुर्गा मल्ल पार्क में गोरखा समाज के लोगों ने उनका स्वागत किया। यहां उन्होंने स्वतंत्रता सेनानी एवं शहीद दुर्गा मल्ल की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए। उन्होंने परमवीर चक्र से सम्मानित शहीद धन बहादुर थापा की प्रतिमा पर भी माल्यार्पण किया।
रावत ने कहा कि गोरखा समाज और भारतीय सेना का देश की सुरक्षा और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। वीर सैनिकों का साहस और राष्ट्र के प्रति समर्पण आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
इसके बाद वह चीड़ बाग स्थित शहीद स्मारक पहुंचे और वीर सैनिकों को पुष्पांजलि अर्पित की। श्रद्धांजलि कार्यक्रम के अंतिम चरण में उन्होंने पूर्व सीडीएस और उत्तराखंड के गौरव स्वर्गीय जनरल बिपिन रावत की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया।
रावत ने कहा कि सैनिकों ने देश की सीमाओं की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया है। शहीदों के स्मारक हमें अपने अधिकारों के साथ-साथ राष्ट्र और समाज के प्रति अपने कर्तव्यों का भी स्मरण कराते हैं।
इस दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद रहे।