देहरादून। राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेजों के शिक्षकों ने अपना अलग संगठन बना लिया है। असोसिएशन ऑफ गवर्नमेंट मेडिकल फैकल्टी, उत्तराखंड (AGMFU) की पहली कार्यकारिणी घोषित कर दी गई है। इसमें प्रदेश के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों के वरिष्ठ शिक्षकों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
नई कार्यकारिणी में डॉ. चन्द्रशेखर (हरिद्वार) को अध्यक्ष और डॉ. पवनीश लोहान (देहरादून) को महासचिव बनाया गया है। डॉ. साधना अवस्थी (हल्द्वानी) और डॉ. सुशील ओझा (देहरादून) को उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है।
संयुक्त सचिव पद पर डॉ. मनीष भट्ट (अल्मोड़ा), डॉ. सुरेन्द्र सिंह (श्रीनगर), डॉ. आशीष कुमार (हल्द्वानी) और डॉ. योगेश्वरी (देहरादून) को नियुक्त किया गया है। वहीं, कार्यकारिणी सदस्य के रूप में डॉ. योगेश कुमार (पिथौरागढ़), डॉ. सृजन श्रीवास्तव (रुद्रपुर), डॉ. मोहित सोनी (श्रीनगर), डॉ. डी.सी. पुनेरा (अल्मोड़ा) और डॉ. एन.एस. बिष्ट (देहरादून) शामिल हैं।
कार्यक्रम में निदेशक डॉ. अजय आर्य ने पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि संगठन की मजबूती पारदर्शिता और ईमानदारी से ही संभव है। उन्होंने सभी से निष्ठा के साथ काम करने और चिकित्सा शिक्षा व स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने का आह्वान किया।
अध्यक्ष डॉ. चन्द्रशेखर ने कहा कि संगठन राज्य में मेडिकल शिक्षा को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए काम करेगा।
वहीं, स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने एकता पर जोर देते हुए कहा कि संगठन को मजबूत बनाने के लिए आपसी मतभेदों से बचना जरूरी है। उन्होंने मीडिया में आई मतभेदों की खबरों को लेकर भी सावधानी बरतने की बात कही।
नवगठित कार्यकारिणी ने चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के सुधार के लिए मिलकर काम करने का संकल्प लिया है।
