देहरादून। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शुक्रवार को देहरादून जू में “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे प्रदेश के वन मंत्री सुबोध उनियाल ने पौधरोपण कर अभियान की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन आज गंभीर चुनौती बन चुका है और इससे निपटने के लिए प्रत्येक नागरिक को पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। उन्होंने कहा कि प्रकृति के प्रति जागरूक नागरिक ही सशक्त और समृद्ध समाज का निर्माण करते हैं। साथ ही जानकारी दी कि इस मानसून प्रदेशभर में “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत दो करोड़ पौधे रोपे जाएंगे।

कार्यक्रम में सचिव वन एवं पर्यावरण सी. रविशंकर ने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस 2026 की थीम “Inspired by Nature For Climate. For Our Future” प्रकृति से प्रेरणा लेकर जलवायु परिवर्तन का सामना करने और आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित भविष्य बनाने का संदेश देती है।
प्रमुख वन संरक्षक (HoFF) रजन कुमार मिश्र ने कहा कि वन्यजीव प्रकृति की अमूल्य धरोहर हैं। वन और वन्यजीवों की रक्षा कर हम पर्यावरण और मानव जीवन के भविष्य को सुरक्षित कर सकते हैं।

इस दौरान “कस्तुरी संस्था” को देहरादून जू में ‘Adopt an Animal’ कार्यक्रम के तहत वन्यजीवों को निरंतर गोद लेने के लिए स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। वहीं “पुनः अरण्य संस्था” को वन एवं वन्यजीव संरक्षण में योगदान के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया गया। शुभ विश्नोई, अर्चना चौहान समेत अन्य छात्र-छात्राओं ने युवाओं से प्रकृति संरक्षण और संवर्धन की अपील की।
कार्यक्रम में प्रमुख वन संरक्षक (नियोजन एवं वित्त) एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी कैम्पा कपिल लाल, प्रमुख वन संरक्षक एवं प्रबंध निदेशक उत्तराखंड वन विकास निगम नीना ग्रेवाल, प्रमुख वन संरक्षक वन पंचायत एस.पी. सुबुद्धि, मुख्य वन संरक्षक सुशांत कुमार पटनायक, अपर प्रमुख वन संरक्षक विवेक पांडे, नरेश कुमार, मीनाक्षी जोशी, मुख्य वन संरक्षक गढ़वाल डॉ. धीरज पांडे, वन संरक्षक धरम सिंह मीणा, राजीव धीमान, निदेशक राजाजी डॉ. कोको रोसे, वन संरक्षक नितु लक्ष्मी, प्रभागीय वनाधिकारी अमित कंवर समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम के अंत में निदेशक देहरादून जू एवं प्रभागीय वनाधिकारी देहरादून नीरज कुमार ने सभी अतिथियों, अधिकारियों और पत्रकारों को विश्व पर्यावरण दिवस की शुभकामनाएं देते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।
