- नेशनल एसोसिएशन ऑफ़ प्रोफेशनल सोशल वर्कर्स एवं उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय परिसर, देहरादून के संयुक्त तत्वाधान में “मानसिक स्वास्थ्य का महत्व” विषय पर एकदिवसीय संगोष्ठी।
देहरादून। नेशनल एसोसिएशन ऑफ़ प्रोफेशनल सोशल वर्कर्स एवं उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय परिसर, देहरादून के संयुक्त तत्वाधान में “मानसिक स्वास्थ्य का महत्व” विषय पर एकदिवसीय संगोष्ठी का आयोजन उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय परिसर देहरादून में किया गया।
अथितियों द्वारा माँ सरस्वती के सम्मुख दीप प्रज्जवलन एवं पुष्पांजली अर्पित कर संगोष्ठी का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर प्रभारी निदेशक डॉ. सुभाष रमोला ने सभी अतिथियों को पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता विमल रतूड़ी ने कहा कि वर्तमान समय में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर सभी को सचेत रहना आवश्यक है क्योंकि सोशल मीडिया के प्रभाव से अकेलापन, अभिभावकों द्वारा पढ़ाई करने वाले बच्चों को अतिरिक्त भार देना, एक दूसरे से तुलना करना मानसिक अवसाद का सबसे बड़ा कारण है। अभिभावकों को आवश्यक रूप से जागरूक होना जरुरी है।
प्रभारी निदेशक डॉ. सुभाष रमोला जी ने अपने वक्तव्य मे कहा की मानसिक स्वास्थ्य अच्छा होने से समाज का पूर्ण विकास संभव है। कार्यक्रम संयोजिका डॉ. भावना डोभाल ने मन स्वस्थ तन स्वस्थ के संकल्प के साथ आमंत्रित अथितियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ नरेंद्र जगूड़ी ने किया डॉ जगूड़ी ने बताया की मानसिक अवसाद का जो मामला निरंतर बढ़ता जा रहा है वो बड़ा ही सोचनीय है उसके रोकने के लिए सरकार को आवश्यक कदम उठाने चाहिए।
कार्यक्रम मे सहायक प्राध्यापक मुकेश कुमार यादव ने विश्वविद्यालय द्वारा विशेष शिक्षा मे पढ़ाये जाने वाले कार्यक्रम मे मानसिक स्वास्थय पाठ्यक्रम के बारे मे जानकारी प्रदान की कार्यक्रम मे बृजमोहन खाती, कुंदन, अजय सिंह, अभिषेक सहित विश्वविद्यालय के अनेकों शिक्षार्थी उपस्थित रहे।