- भैरव सेना संगठन ने लोक गायिका हेमा नेगी करासी और उनकी टीम के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिए पुलिस को सौंपा प्रार्थना पत्र
देहरादून। भैरव सेना संगठन के कार्यकर्ताओं ने आज जिला अध्यक्ष अनिल कुमार के नेतृत्व में देहरादून के नेहरू कॉलोनी थाने में लोक गायिका हेमा नेगी करासी और उनकी पूरी प्रोडक्शन टीम के खिलाफ एक शिकायती पत्र सौंपकर तत्काल मुकदमा (FIR) दर्ज करने की मांग की है। संगठन का आरोप है कि गायिका और उनकी टीम ने जनपद रुद्रप्रयाग के क्रौंच पर्वत पर स्थित सुप्रसिद्ध पौराणिक सिद्धपीठ कार्तिक स्वामी मंदिर की मर्यादा को ठेस पहुँचाई है।
थाना प्रभारी को सौंपे गए शिकायत पत्र में संगठन अध्यक्ष संदीप खत्री ने कहा है कि कार्तिक स्वामी मंदिर संपूर्ण उत्तराखंड और वैश्विक सनातन समाज की अगाध आस्था का केंद्र है, जहाँ भगवान कार्तिकेय ‘बाल ब्रह्मचारी’ रूप में विराजमान हैं। सदियों से चली आ रही परंपरा के अनुसार इस परिसर में कठोर ब्रह्मचर्य और नियमों का पालन किया जाता है। परंतु, विगत दिनों लोक गायिका हेमा नेगी करासी और उनके निर्देशकों व क्रू द्वारा मंदिर के मुख्य प्रांगण व सीढ़ियों पर बिना किसी वैध लिखित अनुमति के, व्यावसायिक लाभ के लिए भारी तामझाम, ड्रोन और आधुनिक कैमरों के साथ उनके नए गीत “कांचनी कैलाश आछरी” का फिल्मांकन (शूटिंग) किया गया।
भगवान के आंगन में ‘आछरी विधा’ (परियों/प्रकृति की देवियों) का श्रृंगारिक नृत्य करना स्थापित पौराणिक मान्यताओं और वर्जनाओं का सीधा उल्लंघन है। भैरव सेना प्रदेश संगठन मंत्री ने कहा इस कृत्य से संपूर्ण देवभूमि के सनातनियों में भारी आक्रोश है।
विरोध के इस कार्यक्रम और शिकायत पत्र सौंपने के दौरान मुख्य रूप से संगठन के पदाधिकारीयों में मुख्य रूप से अनिल कुमार (जिला अध्यक्ष), गणेश जोशी (प्रदेश संगठन मंत्री), मनीष कुमार (जिला सचिव), चंदन शर्मा (जिला संयोजक), राजकुमार (जिला सह सचिव), गौतम, संदीप इत्यादि उपस्थित रहे। संगठन की प्रमुख मांगों में धार्मिक भावनाओं को जानबूझकर आहत करने और प्रतिबंधित क्षेत्र में व्यावसायिक गतिविधि संचालित करने के लिए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं के तहत तत्काल मुकदमा दर्ज किया जाए।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए देहरादून पुलिस के स्तर से इसे दर्ज कर, अग्रिम विवेचना व त्वरित कार्रवाई हेतु इसे संबंधित जनपद (रुद्रप्रयाग) को ‘Zero FIR’ के तहत हस्तांतरित किया जाए, ताकि दोषियों को कठोर सजा मिल सके।
भैरव सेना संगठन के जिला सचिव मनीष कुमार ने भी इस कृत्य की कड़े शब्दों में निंदा की है और कहा है कि लोक संस्कृति के संरक्षण के झूठे दावों की आड़ में आस्था के केंद्रों का ऐसा व्यावसायिक दोहन (Commercial Monetization) किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि दोषियों पर त्वरित कार्रवाई नहीं हुई, तो संगठन उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा।
