- उद्योग-सरकार समन्वय से लौटेगी पहाड़ के गांवों की रौनक : खजान दास
देहरादून। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) देहरादून चैप्टर की ओर से आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश में एमएसएमई और औद्योगिक क्षेत्र को बढ़ावा देने, उद्योग-सरकार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने और उद्यमियों को सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री खजान दास ने कहा कि पहाड़ों से पलायन उत्तराखंड के सामने बड़ी चुनौती है। युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराकर ही पलायन पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है।
मंत्री खजान दास ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि पहाड़ी क्षेत्रों में ही रोजगार के अवसर विकसित हों, ताकि युवाओं को नौकरी के लिए दूसरे शहरों की ओर न जाना पड़े। उद्योगों के विकास और सरकार के साथ बेहतर समन्वय से गांवों की आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और उनकी रौनक वापस लौटेगी।
उन्होंने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में रोजगार के सीमित अवसर, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी, खेती से घटती आय, सड़क और कनेक्टिविटी की समस्या तथा प्राकृतिक आपदाएं पलायन के प्रमुख कारण हैं। सरकार मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना और हाउस ऑफ हिमालयाज जैसे प्रयासों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने पर काम कर रही है।
कार्यक्रम में जॉइन्ट डायरेक्टर इंडस्ट्रीज अनुपम द्विवेदी विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहे। उन्होंने उद्योगों और विभाग के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया।
अंशुमन गोयल बने आईआईए देहरादून चैप्टर के चेयरमैन
कार्यक्रम के दौरान आईआईए उत्तराखंड के स्टेट चेयरमैन तरुण गोयल ने अंशुमन गोयल को आईआईए देहरादून चैप्टर का नया चेयरमैन नियुक्त किए जाने की घोषणा की। इसके साथ ही आईआईए उत्तराखंड की नई स्टेट टीम की भी घोषणा की गई।
नई देहरादून चैप्टर टीम में अंशुमन गोयल चेयरमैन, सपन गुप्ता और पर्व मित्तल वाइस चेयरमैन, संयम वर्मा सेक्रेटरी तथा सिद्धार्थ खंडेलवाल ट्रेजरर बनाए गए हैं।
पूर्व चैप्टर चेयरमैन अर्चित डावर के कार्यकाल के दौरान किए गए योगदान की भी सराहना की गई। डावर अब आईआईए में गढ़वाल डिवीजनल चेयरमैन की जिम्मेदारी संभालेंगे।
नवनियुक्त चेयरमैन अंशुमन गोयल ने कहा कि देहरादून चैप्टर का फोकस सदस्य सहभागिता, उद्यमियों को सुविधा एवं मार्गदर्शन, नेटवर्किंग, व्यवसायिक विकास और उद्योग-सरकार समन्वय को मजबूत करने पर रहेगा। उन्होंने कहा कि आईआईए उद्योगों और उद्यमियों को मार्गदर्शन, सहयोग एवं विकास के अवसर उपलब्ध कराने के साथ उद्योग और सरकार के बीच मजबूत व रचनात्मक सेतु के रूप में कार्य करेगा।
कार्यक्रम में डीआईसी और डायरेक्टरेट ऑफ इंडस्ट्रीज के सहयोग की सराहना की गई। वक्ताओं ने कहा कि उत्तराखंड में मजबूत एमएसएमई इकोसिस्टम तैयार करने के लिए उद्योग और सरकार के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है। कार्यक्रम के अंत में नई टीम ने ‘मजबूत एमएसएमई, मजबूत उद्योग, मजबूत उत्तराखंड’ के संकल्प के साथ काम करने की प्रतिबद्धता जताई।