- ‘शुद्धिकरण’ के विरोध में कांग्रेस का सचिवालय कूच, पुलिस से धक्का-मुक्की
- गोदियाल बोले : लोकतंत्र में दलित नेता की सभा के बाद ‘शुद्धिकरण’ की राजनीति स्वीकार्य नहीं
देहरादून। हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की सभा के बाद कथित शुद्धिकरण यज्ञ किए जाने के विरोध कांग्रेसियों ने सचिवालय कूच किया। इस दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की और तीखी नोकझोंक भी हुई। बाद में पुलिस ने कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर पुलिस लाइन छोड़ दिया।

मंगलवार को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता कांग्रेस भवन में एकत्रित हुए, यहां से रैली निकालकर जैसे ही सचिवालय की ओर बढ़े तो पुलिस ने पहले से ही बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोकने का प्रयास किया तो पुलिस के साथ उनकी धक्का-मुक्की और तीखी नोंकझोंक हो गई। काफी देर तक प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लेकर पुलिस लाइन छोड़ दिया।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि हल्द्वानी की घटना ने राजनीतिक विरोध को सामाजिक और जातिगत अपमान में बदलने वाली मानसिकता को उजागर किया है। उन्होंने सवाल उठाया कि किसी लोकतांत्रिक सभा के बाद स्थान को ‘शुद्ध’ करने की बात कैसे स्वीकार की जा सकती है। भाजपा को स्पष्ट करना चाहिए कि वह ऐसी मानसिकता के साथ है या संविधान में निहित समानता और सामाजिक न्याय के सिद्धांतों के साथ।

नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि यह मामला सिर्फ कांग्रेस या किसी एक नेता के अपमान का नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और संविधान की मूल भावना से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति की जाति या सामाजिक पहचान के आधार पर किसी स्थान को अशुद्ध बताने की सोच को लोकतंत्र में स्वीकार नहीं किया जा सकता। कांग्रेस इस मुद्दे को सदन से सड़क तक उठाएगी।
चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि खड़गे की सभा के बाद शुद्धिकरण जैसा आयोजन महज राजनीतिक विरोध नहीं, बल्कि सामाजिक अपमान का विषय है। उत्तराखंड की पहचान सामाजिक समरसता और भाईचारे की रही है। ऐसी विभाजनकारी सोच के खिलाफ कांग्रेस आवाज उठाती रहेगी।

चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखंड की जनता ने हमेशा जाति और धर्म से ऊपर उठकर लोकतांत्रिक मूल्यों को महत्व दिया है। भाजपा को पूरे प्रकरण पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए और यदि वह इस सोच का समर्थन नहीं करती तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए।
कांग्रेस के सह प्रभारी मनोज यादव ने कहा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष खड़गे का मामला देश के वंचित और दलित वर्गों की भावनाओं से जुड़ा है। संविधान प्रत्येक नागरिक को समान सम्मान और अधिकार देता है। शुद्धिकरण जैसी घटनाएं संवैधानिक भावना के विपरीत हैं।

कांग्रेस नेताओं ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राज्यसभा में उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व करने वाले व्यक्ति से संविधान की समानता, स्वतंत्रता और बंधुत्व की भावना की रक्षा की अपेक्षा की जाती है। कांग्रेस ने भाजपा से पूछा कि वह सामाजिक भेदभाव की सोच के साथ खड़ी है या संविधान के साथ।
कांग्रेस ने सरकार से हल्द्वानी प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने, कथित शुद्धिकरण में शामिल लोगों की भूमिका की जांच करने और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की मांग की। गोदियाल ने कहा कि उत्तराखंड की जनता विकास, रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य चाहती है, जाति-धर्म के नाम पर विभाजन नहीं।
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस के प्रदेश पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए।