
- दून अस्पताल में डॉक्टरों को गर्भनिरोधक इम्प्लांट का प्रशिक्षण
- महिलाओं को बेहतर परिवार नियोजन सेवाएं देने पर जोर, आठ चिकित्सकों ने लिया हिस्सा
देहरादून। राजकीय दून मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में इम्प्लानॉन एनएक्सटी (Implanon NXT) गर्भनिरोधक इम्प्लांट के उपयोग को लेकर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। नौ और 10 अक्टूबर को आयोजित प्रशिक्षण में चिकित्सकों को गर्भनिरोधक इम्प्लांट लगाने और निकालने की प्रक्रिया के साथ ही इसके सुरक्षित इस्तेमाल, उपयुक्त लाभार्थियों के चयन और संभावित दुष्प्रभावों के प्रबंधन की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में मेडिकल कॉलेज की डीन एवं प्राचार्या प्रो. डॉ. गीता जैन और स्त्री एवं प्रसूति रोग विभागाध्यक्ष डॉ. चित्रा जोशी ने प्रशिक्षण दिया। राष्ट्रीय प्रशिक्षक डॉ. सुनीता सिंघल और उत्तराखंड की सहायक निदेशक परिवार नियोजन डॉ. उमा रावत ने भी चिकित्सकों को गर्भनिरोधक इम्प्लांट के इस्तेमाल और निर्धारित चिकित्सकीय प्रोटोकॉल की जानकारी दी।
विशेषज्ञों ने कहा कि महिलाओं को उनकी स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों के अनुरूप गर्भनिरोधक विकल्पों की जानकारी देना जरूरी है। इम्प्लानॉन एनएक्सटी एक दीर्घकालिक और प्रतिवर्ती गर्भनिरोधक विकल्प है, जिसे प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी ऊपरी बांह की त्वचा के नीचे लगाते हैं। इसके इस्तेमाल से पहले उचित परामर्श और लाभार्थी का सही चयन जरूरी है।
प्रशिक्षण में अल्मोड़ा, खटीमा, रुद्रपुर, नैनीताल, हल्द्वानी, देहरादून और रानीखेत से आए चिकित्सकों ने प्रतिभाग किया। इनमें डॉ. कृतिका भंडारी, डॉ. सुरेश कुमार, डॉ. मधु माथुर, डॉ. मोनिका जोशी, डॉ. महिमा रानी, डॉ. नफीस फातिमा, डॉ. कमल किशोर और डॉ. जूही चांदना शामिल रहे।
*महिलाओं को मिले सही जानकारी और विकल्प*
डीन एवं प्राचार्या प्रो. डॉ. गीता जैन ने कहा कि महिलाओं को सुरक्षित और प्रभावी गर्भनिरोधक विकल्पों की जानकारी देना गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का अहम हिस्सा है। आधुनिक गर्भनिरोधक तकनीकों के बारे में चिकित्सकों का नियमित प्रशिक्षण जरूरी है, ताकि वे महिलाओं को बेहतर परामर्श देकर स्वास्थ्य संबंधी निर्णय लेने में मदद कर सकें।
उन्होंने कहा कि महिलाओं का प्रजनन स्वास्थ्य उनके सम्मान, स्वायत्तता और सशक्तीकरण से भी जुड़ा है। कॉलेज का प्रयास है कि महिलाओं को उनकी जरूरतों के अनुरूप सही जानकारी और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलें। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रशिक्षण से हासिल ज्ञान का लाभ विभिन्न जिलों में महिलाओं को बेहतर परिवार नियोजन सेवाएं उपलब्ध कराने में मिलेगा।